
लखनऊ, 26 जुलाई 2025:
गोंडा से लखनऊ तक 121 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर राजधानी पहुंचे छात्र कांवड़ियों को सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने की अनुमति नहीं मिली। बोतलों में सरयू जल लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री आवास के पास पहुंचे छात्रों को पुलिस ने रोक लिया और बसों में भरकर इको गार्डन भेज दिया गया।
छात्रों का कहना था है कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को “भगवान” मानते हैं। उनको जल अर्पित करना चाहते थे लेकिन पुलिस ने न केवल उनके साथ धक्का-मुक्की की, बल्कि कुछ छात्रों की उंगली तोड़ दी। पुलिस कार्रवाई के दौरान छात्र लगातार कह रहे थे कि उन्हें सिर्फ एक बार मुख्यमंत्री से मिलने दिया जाए।
राष्ट्रीय छात्र पंचायत के नेतृत्व में शुक्रवार को निकले ये छात्र कांवड़िये भारी बारिश में भी नहीं रुके। शुक्रवार देर शाम वे लखनऊ के बीबीडी इलाके में एक अपार्टमेंट में रुके और शनिवार को सीएम आवास पहुंचे। यात्रा की अगुआई कर रहे छात्र पंचायत अध्यक्ष शिवम पांडेय ने बताया कि सीएम योगी से मिलने की हमारी आस्था थी, लेकिन हमारे साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया।
मांग : निजी स्कूलों की फीस पर लगाम
छात्रों की यह कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग से जुड़ी थी। उनका कहना था कि प्रदेश सरकार को मानसून सत्र में फीस नियंत्रण कानून (Fee Regulation Bill) लाकर निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगानी चाहिए। यात्रा के संयोजक सतीश मिश्रा ने बताया कि यह यात्रा गोंडा से बालपुर, करनैलगंज, जरवल होते हुए लखनऊ पहुंची थी। छात्रों के पैरों में छाले पड़ चुके थे, लेकिन वे उम्मीद से भरे हुए थे कि मुख्यमंत्री उनसे मिलकर उनकी बात सुनेंगे।






