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शाइन सिटी ग्रुप के राशिद नसीम पर कसा शिकंजा… ईडी कोर्ट ने जब्त की 128 करोड़ की संपत्ति

जांच में यह भी सामने आया कि वह दुबई (यूएई) में रह रहा है और वहीं से अपने नेटवर्क के जरिए स्कीम की कई गतिविधियों को संचालित कर रहा था

लखनऊ, 5 दिसंबर 2025:

भगोड़े राशिद नसीम और शाइन सिटी ग्रुप ऑफ कंपनीज की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट (FEOA) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की विशेष अदालत ने राशिद नसीम और उससे जुड़े शाइन सिटी ग्रुप की 127 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियों को जब्त करने का आदेश जारी कर दिया है।

ईडी ने अपनी जांच उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज लगभग 554 एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इन एफआईआर में पोंजी-कम-पिरामिड स्कीम के जरिए बड़े पैमाने पर ठगी, धोखाधड़ी और अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने के आरोप लगाए गए थे। राशिद नसीम आपराधिक जांच और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए भारत से फरार हो गया था।

उसकी ट्रैवल हिस्ट्री खंगालने पर पता चला कि वह किसी वैध रूट से देश से बाहर नहीं गया। खुफिया इनपुट के अनुसार वह नेपाल बॉर्डर के रास्ते अवैध रूप से भागा था। जांच में यह भी सामने आया कि वह दुबई (यूएई) में रह रहा है और वहीं से अपने नेटवर्क के जरिए स्कीम की कई गतिविधियों को संचालित कर रहा था।

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विशेष अदालत ने 30 अप्रैल 2025 को डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर राशिद नसीम को फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट, 2018 की धारा 12(1) के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था। अदालत ने पाया था कि नसीम ने जानबूझकर भारतीय जांच एजेंसियों से बचने की कोशिश की और विदेश में रहते हुए भी अपनी गतिविधियों को जारी रखा।

राशिद नसीम के खिलाफ लखनऊ सहित यूपी के कई जिलों में धोखाधड़ी के 500 से अधिक मामले दर्ज हैं। उसने पूर्वांचल से लेकर बिहार तक हजारों लोगों से प्लॉट, आवासीय योजनाएं और अन्य लुभावनी स्कीमों के नाम पर अरबों रुपये वसूले थे।करीब तीन वर्ष तक स्कीम चलाने के बाद नसीम और उसके सहयोगी निवेशकों के पैसे हड़पकर फरार हो गए थे।

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