न्यूज डेस्क,1 जनवरी 2026 :
साल 2026 हिंदी पंचांग के अनुसार विशेष रहने वाला है, क्योंकि यह अधिकमास वाला वर्ष होगा। आठ साल बाद इस वर्ष ज्येष्ठ मास दो बार आएगा, जबकि पिछली बार दो सावन थे। इसी वजह से पूरे साल में कुल 13 महीने होंगे। अधिकमास के कारण पिछले साल की तुलना में कई प्रमुख त्योहारों की तिथियां बदल जाएंगी। साल के पहले छह महीनों में त्योहार लगभग 10 दिन पहले मनाए जाएंगे, जबकि साल के अंतिम छह महीनों में ये लगभग 16 से 19 दिन देर से पड़ेंगे। इस बार होली 4 मार्च को और दीपावली 8 नवंबर को मनाई जाएगी, जो पिछले साल से तिथियों में बदलाव का संकेत देता है।
अधिकमास क्या है और क्यों आता है?
ज्योतिषीय गणना के अनुसार अधिकमास को पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। यह एक अतिरिक्त चंद्र माह होता है जो लगभग हर तीन साल में पंचांग में जोड़ा जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर में लीप ईयर की तरह, यह अंतर तीन साल में चंद्र और सौर वर्ष के बीच 11 दिनों के अंतर को संतुलित करता है। सौर वर्ष 365 दिन और चंद्र वर्ष 354 दिन का होता है। इसी गणना के तहत तीन साल में एक बार अधिकमास आता है, ताकि पंचांग और मौसम का संतुलन बना रहे।
ज्येष्ठ मास और त्योहारों पर क्या पड़ेगा प्रभाव?
प्रो. नागेंद्र पांडेय, अध्यक्ष, श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अनुसार ज्येष्ठ मास इस बार 17 मई से 15 जून तक रहेगा। इस दौरान मांगलिक कार्य और विवाह के शुभ मुहूर्त 4 फरवरी से शुरू होंगे। अधिकमास के कारण पूरे साल में होली, दिवाली, नवरात्र और अन्य प्रमुख त्योहारों में बदलाव दिखाई देगा। मकर संक्रांति 14 जनवरी को सामान्य तिथि पर रहेगी, जबकि अन्य त्योहार जैसे महाशिवरात्रि, रंगभरी एकादशी, राम नवमी और अक्षय तृतीया की तिथियां पंचांग अनुसार तय होंगी।

साल 2026 त्योहारों की पूरी तिथियां
साल 2026 में त्योहारों का कैलेंडर इस प्रकार रहेगा: 3 जनवरी को माघी पूर्णिमा, 6 जनवरी को गणेश चतुर्थी, 18 जनवरी को मौनी अमवस्या, 23 जनवरी को वसंत पंचमी। फरवरी में 1 को संत रविदास जयंती, 3 को सबे बरात, 15 को महाशिवरात्रि, 27 को रंगभरी एकादशी और 28 को मशाने की होली। मार्च में होलिका दहन 2, होली 4, चैत्र नवरात्र 19, राम नवमी 27, महावीर जयंती 31 को। दिवाली 8 नवंबर, गोवर्धन पूजा 9 नवंबर और भइयादूज 10 नवंबर को मनाई जाएगी। Religious News
अगले अधिकमास और पंचांग चक्र
ज्योतिषीय गणना में अगले पांच साल में चैत्र मास दो महीने का होगा। पिछले करीब 40 वर्षों में 1988, 1999, 2007 और 2017 में ज्येष्ठ मास दो बार पड़ा। अगले 11 साल में 2037 में दोबारा ज्येष्ठ मास आएगा। इसके अलावा 2029 में चैत्र मास, 2031 तक भाद्र मास और 2034 में आषाढ़ मास पर अधिकमास होगा। https://thehohalla.com/a-rare-coincidence-on-the-first-day-of-2026-for-worship/
कैसा है 2026 का राशिफल?
प्रो. नागेंद्र पांडेय के अनुसार साल 2026 को रौद्र वर्ष कहा जाएगा। इस साल गुरु बृहस्पति राजा और मंगल मंत्री होंगे। मिथुन, कर्क, कन्या और धनु राशि वालों के लिए साल फलदायी रहेगा। हालांकि अधिकमास वाले महीनों में कोई मंगल कार्य नहीं किए जाते। इस दौरान यज्ञ, जप, तीर्थ स्नान और भगवान शिव के अभिषेक व पूजन से अधिक फल प्राप्त होते हैं।






