लखनऊ, 10 जनवरी 2026:
यूपी सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए पारिवारिक सदस्यों के बीच अचल संपत्ति के दान (गिफ्ट डीड) पर स्टाम्प शुल्क में ऐतिहासिक छूट देने का फैसला किया है। स्टाम्प एवं पंजीयन अनुभाग-2 द्वारा इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना और शासनादेश जारी कर दिया गया है। भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार ने अब आवासीय और कृषि संपत्तियों के साथ-साथ व्यावसायिक एवं औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी अधिकतम 5,000 रुपये का स्टाम्प शुल्क निर्धारित कर दिया है।
अब तक यह सुविधा केवल कृषि भूमि और आवासीय संपत्तियों तक सीमित थी लेकिन सरकार के ताजा निर्णय के बाद उद्योग और व्यापार से जुड़ी संपत्तियां भी इसके दायरे में आ गई हैं। इस फैसले से पारिवारिक संपत्ति के हस्तांतरण की प्रक्रिया न केवल सस्ती होगी बल्कि कानूनी रूप से भी अधिक सरल और पारदर्शी बनेगी।

प्रदेश के स्टाम्प तथा पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य पारिवारिक विवादों को कम करना और संपत्ति हस्तांतरण को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि इस कदम से आम लोगों पर आर्थिक बोझ कम होगा और पंजीकरण की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा।
हालांकि शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह छूट केवल ‘प्राकृतिक व्यक्तियों’ के बीच किए गए दान पर ही लागू होगी। किसी फर्म, कंपनी, ट्रस्ट या अन्य वैधानिक संस्था से जुड़ी संपत्तियों पर यह सुविधा नहीं मिलेगी। अधिसूचना के अनुसार पुत्र, पुत्री, पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्रवधू, सगे भाई-बहन, दामाद, पौत्र और पौत्री के पक्ष में किए गए दान विलेख इस छूट के दायरे में आएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला रियल एस्टेट और पारिवारिक संपत्ति प्रबंधन के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव साबित होगा।






