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कोई लेटकर स्नान करने पहुंचा… किसी ने 7 डिग्री तापमान में लगाई डुबकी, मकर संक्रांति पर प्रयागराज में उमड़े 36 लाख श्रद्धालु

मकर संक्रांति पर प्रयागराज के माघ मेले में आस्था का विशाल सैलाब उमड़ा, जहां सुबह दस बजे तक 36 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। कड़ी सुरक्षा, आधुनिक निगरानी और विशेष व्यवस्थाओं के बीच स्नान पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा रहा है

प्रयागराज, 15 जनवरी 2026:

प्रयागराज के माघ मेले में आज मकर संक्रांति का मुख्य स्नान पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। भोर से ही संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट गई। सुबह दस बजे तक करीब 36 लाख श्रद्धालु संगम में पवित्र स्नान कर चुके हैं, जबकि प्रशासन का अनुमान है कि दिनभर में लगभग डेढ़ करोड़ श्रद्धालु स्नान करेंगे।

करीब सात डिग्री तापमान के बीच सुबह चार बजे से ही श्रद्धालु जय गंगा मैया और हर हर महादेव के जयकारों के साथ संगम में डुबकी लगा रहे हैं। संगम क्षेत्र में इतनी भीड़ है कि पैर रखने तक की जगह नहीं है। स्नान के बाद श्रद्धालु लेटे हनुमान जी के दर्शन के लिए भी पहुंच रहे हैं।

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भारी भीड़ को देखते हुए अक्षयवट के दर्शन फिलहाल बंद कर दिए गए हैं। इसके साथ ही संगम क्षेत्र में नावों का संचालन भी रोक दिया गया है। माघ मेले में कुछ खास श्रद्धालुओं ने भी लोगों का ध्यान खींचा। बाढ़ में गंगा पूजा को लेकर चर्चा में आए दरोगा चंद्रदीप निषाद ने पत्नी के साथ संगम में स्नान किया। वहीं एक मौनी महाराज ने करीब डेढ़ किलोमीटर लेटते हुए संगम पहुंचकर स्नान किया।

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माघ मेले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। यूपी एटीएस समेत करीब दस हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी एआई, सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से की जा रही है। प्रशासन का अनुमान है कि इस बार माघ मेले में नौ करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। करीब 800 हेक्टेयर में फैले मेला क्षेत्र को सात सेक्टरों में बांटा गया है और आठ किलोमीटर में अस्थायी घाट बनाए गए हैं।

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कल्पवासियों की सुविधा के लिए मेला सेवा ऐप तैयार किया गया है, जिसका विमोचन सीएम योगी ने मेला प्राधिकरण कार्यालय के सभागार में किया। इस ऐप के जरिए क्यूआर कोड स्कैन कर श्रद्धालु अपनी शिकायतें और सुझाव सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 से 18 जनवरी के बीच होने वाले सभी प्रमुख स्नान पर्वों को सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराना प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी है।

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