लखनऊ, 29 जनवरी 2026:
शहर की निजी टाउनशिप में बने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के संचालन को और असरदार बनाने के लिए अब उनका थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाएगा। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आवासीय परियोजनाओं में एसटीपी का निर्माण तय क्षमता के अनुसार हो और उसका संचालन मानकों के अनुरूप किया जाए।
मण्डलायुक्त लखनऊ विजय विश्वास पंत ने गोमती नगर विस्तार स्थित शालीमार वन वर्ल्ड और ओमैक्स ग्रुप की टाउनशिप का निरीक्षण कर यह निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार, मुख्य नगर नियोजक के.के. गौतम सहित अन्य अफसर व अभियंता मौजूद रहे।
शालीमार वन वर्ल्ड में मानकों के अनुरूप मिला संचालन
मण्डलायुक्त ने सबसे पहले शालीमार वन वर्ल्ड टाउनशिप का निरीक्षण किया, जहां एसटीपी को संचालित पाया गया। उन्होंने एसटीपी में आने वाले सीवेज जल और शोधित जल की रिपोर्ट देखी, जो तय मानकों के अनुरूप पाई गई। समीक्षा में यह भी सामने आया कि शोधित पानी का इस्तेमाल सोसाइटी के पार्क और ग्रीन बेल्ट की सिंचाई में किया जा रहा है।

ओमैक्स टाउनशिप में टॉयलेट ब्लॉक में हो रहा उपयोग
इसके बाद मण्डलायुक्त ने ओमैक्स ग्रुप की टाउनशिप का निरीक्षण कर वहां लगे एसटीपी का मुआयना किया। समीक्षा में पाया गया कि शोधित जल का उपयोग टॉयलेट ब्लॉक में किया जा रहा है, जिससे पानी के पुनः उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है।
सभी निजी टाउनशिप के एसटीपी का होगा ऑडिट
निरीक्षण के बाद मण्डलायुक्त ने निर्देश दिए कि शहर में निजी विकासकर्ताओं द्वारा विकसित की जा रही सभी टाउनशिप के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाए। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि परियोजनाओं में डीपीआर के अनुसार क्षमता वाले एसटीपी का निर्माण हुआ है या नहीं और उनका संचालन सही ढंग से किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि एसटीपी के प्रभावी और नियमित संचालन के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन के मुताबिक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाए, ताकि भविष्य में किसी तरह की लापरवाही न हो और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।






