Lucknow City

फर्जी बैनामा कर हड़पी जमीन…डेढ़ हजार में फर्जी गवाह बनी महिला को पुलिस ने दबोचा

पुलिस ने जालसाजी में शामिल महिला को कैसरबाग बस स्टैंड से दबोचा, अन्य आरोपी पहले किये जा चुके हैं गिरफ्तार, आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों से कराई थी रजिस्ट्री

एमएम खान

मोहनलालगंज (लखनऊ), 30 जनवरी, 2026:

मोहनलालगंज तहसील में फर्जी बैनामा कांड का पुलिस ने एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जो घटना में प्रमुख गवाह बनी थी। यह मामला पिछले साल अक्टूबर में सामने आया था, जब लखनऊ के ऐशबाग निवासी सैय्यद फरहान हुसैन ने मोहनलालगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

फर्जी बैनामा की शुरुआत: पैतृक भूमि पर रजिस्ट्री कराई

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शिकायतकर्ता सैय्यद फरहान हुसैन ने बताया कि वह अपने स्वर्गीय पिता मोहम्मद उवैस की पैतृक भूमि का वैध उत्तराधिकारी है। उनके अन्य चाचा भी स्वर्गीय हो चुके हैं, और वह परिवार के भूमि के देखरेख की जिम्मेदारी निभा रहे थे। जब वह मोहनलालगंज तहसील में अपने पिता की भूमि का वरासत दर्ज कराने पहुंचे, तब उन्हें यह पता चला कि जालसाजों ने फर्जी कागजात तैयार करके उनकी पैतृक भूमि की रजिस्ट्री करा ली है।

फर्जी दस्तावेज और गवाहों की मिलीभगत

फरहान हुसैन ने अपनी शिकायत में बताया कि शहाबुद्दीन निजामुद्दीन उस्मानी, भगवान देई चौहान, विमल गिरि और अन्य आरोपियों ने मिलकर उनके मृतक चाचाओं के स्थान पर अन्य लोगों को प्रस्तुत किया और कूटरचित दस्तावेजों के साथ रजिस्ट्री करा ली। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि रमेश कुमार गिरि, अग्गन और खुशीराम जैसे अभियुक्तों ने फर्जी विक्रेता बनकर यह रजिस्ट्री कराई।

महिला आरोपी की गिरफ्तारी: फर्जी गवाह बनी थी भगवान देई चौहान

पुलिस ने पहले दिसंबर में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन इस मामले में महिला आरोपी भगवान देई चौहान फरार चल रही थी। पुलिस को सूचना मिली कि वह कैसरबाग बस स्टैंड पर मौजूद है। इसके आधार पर मोहनलालगंज पुलिस ने 30 जनवरी को शाम करीब पांच बजे उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी महिला ने स्वीकार किया कि वह पूर्व में कचहरी में मुंशी का काम करती थी और पैसों के लालच में उसने फर्जी गवाह बनकर गवाही दी थी।

भगवान देई चौहान ने पुलिस को बताया कि रजिस्ट्री के दौरान आरोपियों ने खुद को मुस्लिम नामों से प्रस्तुत किया था और महिला ने उन्हें मुस्लिम पहचान दिलाई। इसके बदले में आरोपी चांदबाबू ने उसे 1500 रुपये दिए थे। पुलिस ने महिला आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया और उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। इसके अलावा, पुलिस अब इस फर्जी बैनामा कांड में अन्य संलिप्त व्यक्तियों के बारे में गहन जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी आरोपी हो सकते हैं, जिनकी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

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