लखनऊ, 31 जनवरी 2026:
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भरने के लिए वाहन चालकों को अभी कम से कम दो महीने और इंतजार करना होगा। एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक शुरू करने से पहले लखनऊ के सरोजनीनगर क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य के पूरा होने का इंतजार किया जा रहा है।
उन्नाव क्षेत्र (जोन-दो) में 45.3 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तय समय में पूरा हो गया है। यहां रेलवे लाइन पर पुल, टोल प्लाजा, मार्ग प्रकाश व्यवस्था और संकेतक जैसे सभी महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण हो चुके हैं। एनएचएआई की ओर से किए गए परीक्षणों में उन्नाव से लखनऊ के बनी तक का खंड सफल पाया गया है।
मूल रूप से इस जोन को जनवरी में ही यातायात के लिए खोलने की योजना थी लेकिन एनएचएआई ने लखनऊ क्षेत्र (जोन-एक) में 18.7 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड हिस्से का निर्माण पूरा होने के बाद ही एक्सप्रेसवे खोलने का निर्णय लिया है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक नकुल वर्मा के अनुसार उन्नाव में एक्सप्रेसवे का काम पूरा हो चुका है जबकि लखनऊ में बिजली लाइनों को शिफ्ट करने सहित कुछ कार्य शेष हैं। उन्हें तेजी से पूरा कराया जा रहा है। प्रयास है कि 20 मार्च तक दोनों फेज का काम पूरा कर लिया जाए।
निर्माण एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक उन्नाव में आजाद मार्ग चौराहा से बनी पुल तक का कार्य पूर्ण हो चुका है। दोनों जोन का काम 31 मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है। अनुमान है कि मार्च में काम पूरा होने के बाद अप्रैल में प्रधानमंत्री एक्सप्रेसवे का लोकार्पण कर सकते हैं।
यह उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे होगा, जिसमें अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इनमें लखनऊ-कानपुर के बीच 10 बिस्तरों वाला ट्रॉमा सेंटर, फूड प्लाजा, पेट्रोल पंप, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, प्रसाधन गृह और एंबुलेंस सेवा शामिल हैं।
इस एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से केवल 45 मिनट में कानपुर से लखनऊ का सफर पूरा किया जा सकेगा। इसके लिए यात्रियों को मौजूदा हाईवे की तुलना में लगभग 25 फीसदी अधिक टोल चुकाना पड़ सकता है। हालांकि, परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक यह अभी प्रस्तावित है और अंतिम टोल दरें यातायात शुरू होने से पहले एनएचएआई मुख्यालय तय करेगा।
जानकारी के मुताबिक उन्नाव सीमा में तीन टोल प्लाजा बनाए गए हैं। पहला आजाद मार्ग चौराहा के पारा प्रवेश बिंदु पर, दूसरा रायबरेली हाईवे पर कोरारी के पास और तीसरा लखनऊ सीमा पर बनी गांव के पास स्थापित किया गया है।






