Uttarakhand

कानून व्यवस्था को लेकर सीएम धामी ने अपनाया कड़ा रुख, भूमि अपराधियों और नशा तस्करों को दी ये चेतावनी

सीएम धामी ने कानून व्यवस्था, पुलिस वर्क कल्चर और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार के लिए सख्त निर्देश दिए। उन्होंने पर्यटन, ट्रैफिक, भूमि अपराध और जनशिकायत निवारण सहित सभी विभागों में समयबद्ध तैयारी और प्रभावी समन्वय पर जोर दिया

योगेंद्र मलिक

देहरादून, 3 फरवरी 2026:

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अखिल भारतीय डीजी/आईजी सम्मेलन के निष्कर्षों की समीक्षा की। इस दौरान सीए धामी ने स्पष्ट कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यशैली और जनसेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के सभी विभागों को निर्देश दिए कि आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणाम-आधारित रवैया अपनाया जाए।

समीक्षा बैठक में प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा

इस बैठक में राज्य की कानून व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली, सुरक्षा, पर्यटन प्रबंधन, राजस्व, नशा मुक्ति, अभियोजन, कारागार सुधार और जनशिकायत निवारण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई। इस बैठक में मुख्य सचिव, सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

पर्यटन और ट्रैफिक प्रबंधन में समयबद्ध तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद राज्य में पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होगी। उन्होंने पर्यटन स्थलों पर होटल, आवास, पार्किंग, ट्रैफिक प्लान और सुरक्षा व्यवस्था के लिए समयबद्ध तैयारियों के निर्देश दिए। विशेष रूप से कैंची धाम बाईपास जून तक पूरा किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी।

पुलिस वर्क कल्चर में सुधार और आम नागरिकों का सम्मान

धामी ने पुलिस व्यवस्था में सुधार पर जोर देते हुए कहा कि थाना चौकिया सहित सभी स्तरों पर वर्क कल्चर में सुधार तुरंत किया जाए। आम लोगों के साथ मानवीय और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों को परेशान करने की किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा।

भूमि अपराधों और प्रशासनिक समन्वय पर सख्त रुख

मुख्यमंत्री ने भूमि से जुड़े अपराधों में शामिल लोगों को किसी भी सूरत में बख्शने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक आत्ममंथन भी जरूरी है। पुलिस और प्रशासन के सभी विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए।

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