लखनऊ, 18 जनवरी 2026:
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने राजधानी स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस वार्ता कर काशी के मणिकर्णिका घाट से जुड़े मुद्दे पर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बनारस की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को नुकसान पहुंचा रही है और जब कांग्रेस इस पर सवाल उठाती है तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उसे झूठा बताकर गुमराह करने की कोशिश करते हैं।
मीडिया से रूबरू हुए अजय राय ने कहा कि काशी के भीतर सदियों पुरानी विरासत और पौराणिक महत्व की जगहों को तोड़ा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बनारस से सांसद चुने गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद को “गंगा पुत्र” बताया था, लेकिन उनके कार्यकाल में कई धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने मणिकर्णिका घाट का जिक्र करते हुए कहा कि यह वही पवित्र स्थान है जहां मान्यता के अनुसार मां पार्वती की मणि गिरी थी। यह घाट हजारों साल पुराना है और इसका जीर्णोद्धार अहिल्याबाई होलकर ने कराया था। सरकार हर साल 25 मई को अहिल्याबाई होलकर की जयंती मनाती है, लेकिन उनकी बनाई विरासत को बुलडोजर से तोड़ा जा रहा है।
अजय राय ने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस इस मुद्दे को उठाती है तो मुख्यमंत्री योगी वहां जाकर इसे ‘एआई जनरेटेड वीडियो’ बताकर झूठा साबित करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने पूछा कि बनारस का अक्षय वट वृक्ष कहां गया, लक्ष्मी नारायण की मूर्ति कहां है और शनि भगवान की मूर्ति क्यों हटा दी गई। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होलकर के परिवार के सदस्य यशवंत राव होलकर ने खुद पत्र लिखकर बताया है कि वहां की मूर्तियां और विरासत तोड़ी गई हैं। अजय राय ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या सरकार अब उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराएगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार पूरी तरह से व्यापारियों के हित में काम कर रही है। जहां से पैसा कमाने का मौका मिलता है, वहां धार्मिक स्थलों का भी व्यापारीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई के नाम को सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए बेचा गया और प्रभु राम ट्रस्ट में भी घोटाला हुआ है।
अजय राय ने नदियों में गंदगी फैलने, विकास योजनाओं के फेल होने और जनता को बड़े-बड़े वादों से गुमराह करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि बनारस में न कोई नई फैक्ट्री लगी, न ही कोई बड़ा उद्योग आया, जबकि सरकार सिर्फ भाषणों में विकास की बातें करती है।
उन्होंने मांग की कि अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति सार्वजनिक रूप से दिखाई जाए और यह भी बताया जाए कि गुरुधाम मंदिर के अंदर रखी गई मूर्तियां आखिर कहां हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर मूर्ति टूटी नहीं है, जैसा कि सरकार दावा कर रही है, तो उसे सबूत के तौर पर सामने लाया जाए।
अजय राय ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय में सरकार श्मशान घाटों पर भी टैक्स लगाकर पैसा कमाने से नहीं चूकेगी। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस को विकास से कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन विरासत और धरोहर को खत्म करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।






