लखनऊ, 3 फरवरी 2026:
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर सियासत तेज हो गई है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने इस समझौते पर गंभीर सवाल उठाते हुए भाजपा सरकार पर किसानों के हितों से समझौता करने का आरोप लगाया है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भारत के बाजार को अमेरिकी कृषि उत्पादों और खाद्यान्नों के लिए खोलना देश की खेती-किसानी पर निर्भर करीब 70 प्रतिशत आबादी के साथ सीधा धोखा है।
अखिलेश ने लिखा कि भाजपा ने एक बार फिर किसानों पर वार किया है। सरकार बताए कि इस ट्रेड डील के पीछे किसका दबाव है। उन्होंने आरोप लगाया कि आत्मनिर्भरता और स्वदेशी की बात करने वाली भाजपा वास्तव में देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रही है। उनका कहना है कि इससे न सिर्फ किसान बल्कि निम्न मध्यवर्ग और मध्यम वर्ग भी बुरी तरह प्रभावित होगा। विदेशी कृषि उत्पादों की एंट्री से मुनाफाखोरी बढ़ेगी, बिचौलियों की नई जमात खड़ी होगी और खाने-पीने की चीजें और महंगी हो जाएंगी।
भाजपा ने फिर किया ‘किसानों’ पर वार
भाजपा सरकार दे जवाब, क्या है दबावभारत के बाज़ार को अमेरिकी कृषि उत्पादों व खाद्यान्नों के लिए खोल देना, हमारे देश की खेती-किसानी पर रोज़ी-बसर करने वाली 70% आबादी के साथ धोखा है।
भाजपाई और उनके संगी-साथी आज़ादी से पहले भी विदेशियों के एजेंट…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 3, 2026
सपा मुखिया ने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी कंपनियों से चंदा वसूली करेंगे। इससे कृषि और खाद्य उत्पादों की कीमतों में और इजाफा होगा। इसका सीधा असर किसानों की आय पर पड़ेगा और धीरे-धीरे किसान अपनी जमीन अमीरों और कॉरपोरेट के हाथों बेचने को मजबूर हो जाएंगे। अखिलेश ने कहा कि जमीनों पर कब्जा करना ही भाजपा और उसके संगी-साथियों का असली मकसद है।
उन्होंने भाजपा सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि भारतीय खेती के लिए घातक ‘सीड बिल’ उसी सरकार की देन है जो भू-अधिग्रहण जैसे काले कानून लाई थी। अखिलेश ने खाद की किल्लत, बीज और पेस्टीसाइड कंपनियों से कथित कमीशनखोरी, फसल बीमा, भंडारण और खरीद-फरोख्त में बिचौलियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने चेतावनी दी कि भारतीय परिस्थितियों में ऐसे बीजों से खेती पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी।
अखिलेश ने कहा कि एमआरपी और छुट्टा मवेशियों से परेशान किसान अब भाजपा सरकार की नीतियों को और बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने किसानों से संगठित और पुरजोर विरोध की अपील करते हुए नारा दिया-भाजपा हटाओ, खेत-किसानी-किसान बचाओ।






