लखनऊ, 24 जनवरी 2026:
यूपी की राजनीति में सियासी पारा लगातार चढ़ रहा है। सपा मुखिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। सपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश ने कहा कि मतदाता सूची का काम बीजेपी की कंपनी को आउटसोर्स कर दिया गया है। जानबूझकर वोटर लिस्ट को मजाक बना दिया गया है।
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जारी की गई मतदाता सूची में भगवानदास के घर में मोहम्मद अफजल जैसे नाम दर्ज हैं। इससे साफ है कि वोटर लिस्ट को तथाकथित रूप से ‘सेकुलर’ बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब जानबूझकर किया गया है जिससे भविष्य में फर्जी वोटरों के सहारे चुनाव प्रभावित किए जा सकें।
उन्होंने 2022 के उपचुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि कई जगहों पर पूरा का पूरा बूथ लूट लिया गया। अखिलेश का दावा था कि पुलिसकर्मियों ने वर्दी बदलकर मतदान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया में बार-बार समय बढ़ाया गया जिससे यह साफ होता है कि सरकार खुद इसके लिए तैयार नहीं थी।
अखिलेश यादव ने कहा कि 4 नवंबर को SIR की घोषणा के समय मतदाता सूची को शुद्ध करने की बात कही गई थी लेकिन चुनाव आयोग भी निष्पक्ष भूमिका नहीं निभा रहा है। उन्होंने मांग की कि समाजवादी पार्टी की टेक्निकल टीम को स्पष्ट रूप से बताया जाए कि वोटर लिस्ट में आखिर क्या और कैसे किया जा रहा है। उनका आरोप था कि बीजेपी मानसिकता वाले अधिकारियों को जानबूझकर हियरिंग की जिम्मेदारी दी गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जब आधार से लिंकिंग से पारदर्शिता बढ़ सकती है तो सरकार वोट को आधार से जोड़ने से क्यों डर रही है। इस दौरान उन्होंने कालनेमि का उल्लेख करते हुए कहा कि कलयुग के कालनेमि कौन हैं, यह जनता को समझना होगा और वही इनका काल बनेंगे।
एक बार फिर अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हमें गायों से सच्चा लगाव है। हमारे घरों में सबसे ज्यादा गाय हैं। समाजवादियों की पहली रोटी गाय को जाती है, किसी बीजेपी नेता को नहीं। उन्होंने कहा कि बीजेपी का चरित्र बहुत गंदा है, जितनी गंदी गोमती, उतनी गंदी बीजेपी।






