योगेंद्र मलिक
देहरादून, 13 जनवरी 2026
अंकिता भंडारी हत्याकांड के विरोध में प्रदर्शन के दौरान वायरल वीडियो से सुर्खियों में आईं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को अदालत से राहत मिल गई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने अर्जी स्वीकार करते हुए उन्हें जमानत दे दी।
ज्योति अधिकारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र बिष्ट और गौरव कपूर ने पैरवी की। बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि आरोपी ज्योति का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना या उत्तराखंड की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना नहीं था। अधिवक्ताओं ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में ज्योति अधिकारी ऐसी कोई गतिविधि नहीं करेंगी, जिससे न्यायिक प्रक्रिया या कानून की गरिमा प्रभावित हो।
बता दें कि ज्योति अधिकारी के खिलाफ जूही चुफाल की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने उत्तराखंड की महिलाओं और स्थानीय लोक देवताओं के बारे में आपत्तिजनक बयान दिए। वहीं बुद्ध पार्क में अंकिता भंडारी केस को लेकर एक आयोजन के दौरान उनका एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें वो दरांती घुमाते आपत्तिजनक टिप्पणी भी की थी। इस मामले में पुलिस ने आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की थी और 8 जनवरी को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।






