पंकज
काकोरी (लखनऊ), 21 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में काकोरी कस्बा पुलिस चौकी के पास स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) शाखा में आज सुबह उस वक्त हंगामा मच गया, जब दर्जनों खाताधारकों ने बैंक का शटर बाहर से बंद कर दिया। सुबह करीब 10 बजे गुस्साए खाताधारक बैंक पहुंचे और अचानक शटर गिरा दिया। उस समय बैंक मैनेजर समेत कई अधिकारी और कर्मचारी अंदर मौजूद थे, जिससे बैंक परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कार्रवाई की मांग पर 40 मिनट तक हंगामा
खाताधारकों ने साफ कहा कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक बैंक का कामकाज ठप रहेगा। पीड़ितों ने करीब 40 मिनट तक बैंक के बाहर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। जांच और कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद शटर खुलवाया गया, तब जाकर बैंक अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

खातों से गायब रकम, पीड़ितों का दर्द
पीड़ित खाताधारकों ने बताया कि उनके खातों से जमा रकम गायब हो गई है, लेकिन एक महीने बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कस्बा के सागर तालाब निवासी माया के खाते से 50 हजार रुपये गायब हैं। गुरदीन खेड़ा निवासी रामा देवी और राजकुमारी के खातों से 30-30 हजार रुपये निकल चुके हैं। चिलौली गांव निवासी रीता ने बताया कि उन्होंने 65 हजार रुपये किश्तों में जमा किए थे, लेकिन खाते में एक भी रुपया नहीं बचा। वली नगर निवासी गुड्डन ने कहा कि 26 हजार रुपये जमा थे, लेकिन बीमारी के चलते पैसे निकालने पहुंचे तो खाता खाली मिला।
गर्भवती महिला से लेकर किसान तक प्रभावित
सागर तालाब निवासी गर्भवती महिला सोनी की मां मुनव्वर जहां ने बताया कि बेटी के नाम 80 हजार और अपने 30 हजार रुपये जमा किए थे, कुल एक लाख दस हजार रुपये खाते से गायब हैं। वहीं माटीपुर निवासी एक खाताधारक ने बताया कि उन्होंने पांच लाख 55 हजार रुपये अलग-अलग किश्तों में जमा किए थे, लेकिन जरूरत पड़ने पर बैंक ने खाते में शून्य बैलेंस बता दिया। पीड़ितों का आरोप है कि शिकायत करने पर बैंक अधिकारी सबूत मांगते हैं और विरोध करने पर फटकार लगाकर बाहर कर देते हैं।

करोड़ों की ठगी, मुख्य आरोपी फरार
इंस्पेक्टर सतीश चंद्र राठौर ने बताया कि विवेचना में अब तक करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। जांच में नए खाताधारकों के साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिन्हें जांच में शामिल किया जा रहा है। मुख्य आरोपी नरेंद्र की तलाश में कई ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन वह अब तक फरार है। इंस्पेक्टर ने कहा कि जल्द गिरफ्तारी की जाएगी और अगर किसी बैंक अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता पाई गई, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। पीड़ितों का कहना है कि जब तक रकम वापस नहीं होती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।






