चंदौली, 17 जनवरी 2026:
भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में चंदौली में छह जिलों के लिए बनने वाले इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास किया। इन कोर्ट परिसरों पर करीब 1500 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस योजना में चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया जिले शामिल हैं। कार्यक्रम में इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली समेत कई मंत्री, न्यायिक अधिकारी और वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे।
एक छत के नीचे मिलेंगी न्याय से जुड़ी सुविधाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की सोच रही है कि आम आदमी तक इंसाफ आसान तरीके से पहुंचे। इसके लिए जरूरी है कि कोर्ट से जुड़ी सारी सुविधाएं एक ही परिसर में हों। उन्होंने बताया कि इन नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स में अदालतें, वकीलों के चैंबर, पार्किंग, लाइब्रेरी और बाकी जरूरी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी।

अन्य जिलों में भी जल्द बनेगा ऐसा ही मॉडल
सीएम योगी ने कहा कि अभी छह जिलों में काम शुरू हुआ है। आने वाले महीनों में बाकी जिलों में भी इसी तरह के कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। उन्होंने इसे देश के न्यायिक इतिहास का अहम कदम बताया और कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिए मजबूत न्यायपालिका जरूरी है। सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है, बस ईमानदारी से काम करने की जरूरत है। अगर हमें सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करना है, तो हमें न्यायिक संस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ तथा सुविधा संपन्न बनाने के लिए अपना पूर्ण योगदान देना होगा। मुझे प्रसन्नता है कि उत्तर प्रदेश इस दिशा में प्रभावी रूप से आगे बढ़ चुका है।
वकीलों को मिलेंगे बेहतर चैंबर और सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में अब तक अपने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट नहीं थे, वहां सरकार ने इंटीग्रेटेड कोर्ट बनाने की मंजूरी दी है। नए परिसरों में अधिवक्ताओं के लिए अच्छे हाईराइज चैंबर होंगे, ताकि वे बेहतर माहौल में काम कर सकें। उन्होंने चंदौली समेत सभी जिलों के वकीलों और न्यायिक अधिकारियों के संघर्ष की सराहना की।

वाराणसी में भी बनेगा इंटीग्रेटेड कोर्ट
मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम में घोषणा की कि वाराणसी में भी जल्द ही इसी तरह का आधुनिक कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। उन्होंने इस शिलान्यास को ऐतिहासिक बताया और सभी को बधाई दी।
जिला न्यायपालिका सबसे मजबूत कड़ी
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि संविधान में जिला न्यायपालिका को बहुत अहम स्थान दिया गया है। हर नागरिक को अपने ही जिले में इंसाफ मिल सके, यही इस व्यवस्था का मकसद है। उन्होंने बताया कि यूपी सरकार ने 10 इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाने की घोषणा की थी, जिनमें से छह का शिलान्यास आज हो गया है। ये कोर्ट परिसर आने वाले 50 साल तक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होंगे।
पूरे देश के लिए मिसाल बनेगा यूपी मॉडल
सीजेआई ने कहा कि यूपी का यह मॉडल पूरे देश के लिए मिसाल बनेगा। जब भी वह दूसरे राज्यों में जाएंगे, वहां भी इस योजना का उदाहरण देंगे। उन्होंने बताया कि इन कोर्ट परिसरों में वकीलों के लिए आधुनिक सुविधाएं होंगी और आम लोगों के लिए भी आसान और सुविधाजनक व्यवस्था रहेगी।
महिला अधिवक्ताओं और स्वास्थ्य सुविधा पर जोर
मुख्य न्यायाधीश ने सुझाव दिया कि जहां संभव हो, वहां महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग सुविधाएं बनाई जाएं। साथ ही कोर्ट परिसर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी हों, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज मिल सके। उन्होंने यूपी सरकार, इलाहाबाद हाईकोर्ट और संबंधित जिलों की बार एसोसिएशन का धन्यवाद किया।






