सुल्तानपुर, 19 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने कांग्रेस नेता और रायबरेली सांसद राहुल गांधी को मानहानि के एक मामले में अंतिम अवसर दिया है। अदालत ने स्पष्ट आदेश देते हुए कहा है कि राहुल गांधी को 20 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होकर अपना बयान दर्ज कराना होगा। कोर्ट ने इस तारीख को आखिरी मौका माना है।
सुनवाई में नहीं पहुंचे राहुल गांधी
आज मानहानि मामले की सुनवाई सुलतानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में हुई। पिछली पेशी पर मामले के गवाह रामचंद्र दूबे का बयान दर्ज किया गया था, जिस पर अधिवक्ताओं की ओर से जिरह भी पूरी की जा चुकी है। आज अदालत ने राहुल गांधी को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था, लेकिन वह पेश नहीं हो सके।
वकील ने दी पेश होने की जानकारी
राहुल गांधी के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि राहुल गांधी 20 फरवरी को एमपी-एमएलए कोर्ट में स्वयं उपस्थित होंगे। इससे पहले भी कोर्ट राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दे चुका था। इसी को देखते हुए अदालत ने अब अंतिम अवसर देते हुए अगली तारीख तय की है।
आठ साल पुराने बयान से जुड़ा है मामला
यह मानहानि मामला करीब आठ साल पुराना है, जो साल 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि उस समय राहुल गांधी ने वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस बयान से आहत होकर भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट में परिवाद दायर किया था।
जमानत पर हैं राहुल गांधी
फिलहाल यह मामला एमपी-एमएलए न्यायालय में विचाराधीन है। राहुल गांधी इस प्रकरण में पहले ही अपना बयान दर्ज करा चुके हैं और इस समय जमानत पर चल रहे हैं। अदालत अब 20 फरवरी को उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।






