एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 30 जनवरी 2026:
लखनऊ जिले के मोहनलालगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। स्वास्थ्य विभाग और स्वयंसेवी संस्था के सहयोग से यहां डिजिटल सर्वाइकल और स्तन कैंसर स्क्रीनिंग, साथ ही बच्चों की आंखों की जांच के लिए डिजिटल ऑटो-रेफ्रेक्शन तकनीक वाली अत्याधुनिक मशीनों का उद्घाटन किया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल बदलाव: कैंसर की समय रहते पहचान
मशीनों का उद्घाटन करते हुए, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य उत्तर प्रदेश, डॉ. रतनपाल सिंह सुमन ने कहा कि प्रदेश सरकार निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा दे रही है। डिजिटल स्क्रीनिंग से सर्वाइकल और स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की पहचान पहले चरण में ही हो सकेगी, जिससे इलाज में समय पर मदद मिल सकेगी।
बच्चों की आंखों की समस्याओं का डिजिटल निदान
डॉ. सुमन ने आगे कहा कि डिजिटल ऑटो-रेफ्रेक्शन तकनीक के माध्यम से बच्चों में आंखों से जु समस्याओं का त्वरित और सटीक निदान किया जा सकेगा। इससे न केवल बच्चों की शारीरिक बल्कि मानसिक विकास में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने इसे सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मील का पत्थर बताया।
बाल स्वास्थ्य के लिए नई पहल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी. सिंह ने बताया कि इस पहल से बाल स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ सर्वाइकल और स्तन कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने जानकारी दी कि डिजिटल ऑटो-रेफ्रेक्शन मशीन को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम को सौंपा जाएगा, जो स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर बच्चों की जन्मजात बीमारियों का निदान करेगी। इस अवसर पर निदेशक स्वास्थ्य उत्तर प्रदेश, डॉ. संजू अग्रवाल, संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अलका शर्मा, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. निशांत निर्वाण व स्वयंसेवी संस्था सम्यक-कलेक्टिव गुड फाउंडेशन के पदाधिकारी मौजूद थे।






