लखनऊ, 26 जनवरी 2026:
पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी पीएफआरडीए ने 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए ‘एनपीएस वात्सल्य स्कीम 2025’ के दिशा निर्देश (गाइडलाइंस) जारी कर दिए हैं। यह योजना बच्चों में छोटी उम्र से ही बचत की समझ विकसित करने और भविष्य में आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से लाई गई है। इसके तहत माता पिता या कानूनी अभिभावक अपने बच्चों के नाम पर एनपीएस खाता खोलकर उनके सुरक्षित भविष्य की नींव रख सकते हैं।
बजट में हुई थी घोषणा, 2024 में हुई लॉन्च
एनपीएस वात्सल्य योजना की घोषणा वित्त वर्ष 2024-25 के केंद्रीय बजट में की गई थी। इसके बाद 18 सितंबर 2024 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे आधिकारिक रूप से लॉन्च किया था। इस योजना को इस तरह तैयार किया गया है कि बच्चे के बालिग होने के बाद भी उसकी बचत बिना रुके जारी रह सके।
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
यह योजना सभी भारतीय नागरिकों के लिए खुली है। इसमें एनआरआई और ओसीआई श्रेणी के बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी उम्र 18 साल से कम है। योजना में लाभार्थी बच्चा होगा और खाता उसी के नाम पर खुलेगा, लेकिन खाते का संचालन माता पिता या अभिभावक करेंगे।
सिर्फ 250 रुपये से शुरू होगी बचत
एनपीएस वात्सल्य में न्यूनतम शुरुआती और सालाना योगदान केवल 250 रुपये रखा गया है। इसमें निवेश की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है। खास बात यह है कि माता पिता के अलावा रिश्तेदार और दोस्त भी बच्चों के लिए गिफ्ट के तौर पर इस खाते में पैसा जमा कर सकते हैं।
पेंशन फंड चुनने की आजादी
खाता खोलते समय अभिभावक पीएफआरडीए से पंजीकृत किसी भी पेंशन फंड का चयन कर सकते हैं। इससे निवेशकों को अपनी जरूरत और जोखिम के अनुसार फंड चुनने की सुविधा मिलेगी।
आंशिक निकासी के क्या हैं नियम
खाता खुलने के तीन साल पूरे होने के बाद आंशिक निकासी की सुविधा मिलेगी। इसमें कुल जमा राशि का अधिकतम 25 प्रतिशत हिस्सा निकाला जा सकता है, जिसमें रिटर्न शामिल नहीं होगा। यह निकासी केवल शिक्षा, इलाज या किसी तय दिव्यांगता की स्थिति में ही संभव होगी। 18 साल से पहले दो बार और 18 से 21 साल की उम्र के बीच दो बार आंशिक निकासी की अनुमति दी गई है।
18 साल के बाद क्या होंगे विकल्प?
जब बच्चा 18 साल का हो जाएगा, तो उसे नया केवाईसी कराना जरूरी होगा। 21 साल की उम्र तक उसके पास तीन विकल्प होंगे। पहला, एनपीएस वात्सल्य योजना को जारी रखना। दूसरा, एनपीएस टियर वन खाते में शिफ्ट करना। तीसरा, खाते से बाहर निकलना। बाहर निकलने पर अधिकतम 80 प्रतिशत राशि एकमुश्त निकाली जा सकती है और कम से कम 20 प्रतिशत राशि से पेंशन लेनी होगी। अगर खाते में जमा रकम 8 लाख रुपये या उससे कम है, तो पूरी राशि निकालने की अनुमति होगी।
जागरूकता और भविष्य की तैयारी
इन गाइडलाइंस में आंगनवाडी कार्यकर्ता, आशा स्वयंसेविका और बैंक सखी जैसे जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के लिए भी प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है, ताकि ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों में योजना की जानकारी पहुंचे। एनपीएस वात्सल्य का उद्देश्य बच्चों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाना है।






