
पटना, 23 जून 2025
आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अब राजनीतिक पार्टियों के बीच आरोप- प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। बीते रविवार को जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और लालू प्रसाद यादव पर जोरदार हामला बोला और आरोप लगाया कि (राजद) पार्टी “उनकी जेब से चलती है”। किशोर ने यादव द्वारा अपनी पत्नी राबड़ी देवी को बिहार का मुख्यमंत्री नियुक्त करने के पिछले फैसले की भी आलोचना की।
पत्रकारों से बात करते हुए किशोर ने कहा, “जाहिर है, लालू यादव आरजेडी के प्रमुख बने रहेंगे। यह उनके परिवार की पार्टी है। यह उनकी जेब से चलती है… किसी ने लालू यादव से पूछा कि उन्होंने राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री क्यों बनाया। उन्होंने जवाब दिया कि अगर मैं अपनी पत्नी को सीएम नहीं बनाऊंगा, तो मैं और किसे बनाऊंगा? अपनी पत्नी को? पूरा बिहार लालू यादव की मानसिकता से वाकिफ है।”इससे पहले बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने प्रशांत किशोर की उनकी शैक्षणिक योग्यता पर की गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा कि नेतृत्व और क्षमता का आकलन केवल डिग्री से नहीं किया जा सकता। किशोर ने पहले तेजस्वी की 10वीं कक्षा पास न करने के लिए आलोचना की थी।
एएनआई से खास बातचीत में तेजस्वी ने कहा, “नहीं…इससे मुझे दुख नहीं होता। सिर्फ डिग्री होने से आप सभी गुण नहीं प्राप्त कर सकते। आपने व्यावहारिक जीवन में बहुत कुछ देखा है, लेकिन उनका आपका अनुभव भी सीमित है। और मैं एक खिलाड़ी था, मैं एक क्रिकेटर हूं, इसलिए वह इसके बारे में बात नहीं करेंगे।” यादव ने तर्क दिया कि डिग्री होना किसी को अपने आप महान नेता नहीं बना देता, उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक योग्यता पर बहस हुई है। यादव ने इस बात पर जोर दिया कि वे सर्वोच्च पद पर आसीन व्यक्ति का सम्मान करते हैं, चाहे उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि कुछ भी हो।
यादव ने एएनआई को दिए साक्षात्कार में कहा, “लेकिन अगर डिग्री की बात होती तो ग्यारह साल से आज तक देश के लोगों को यह नहीं पता कि उनकी डिग्री क्या है। लेकिन यह हम पर आ रही है। इसलिए जिसे भी सर्वोच्च पद दिया जाएगा, हम उसका सम्मान करेंगे।” उन्होंने एक खिलाड़ी और क्रिकेटर के रूप में अपने अनुभवों पर प्रकाश डाला और कहा कि ये कौशल अपने आप में मूल्यवान हैं।
5 जून को किशोर ने लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधते हुए कहा था कि राजद प्रमुख अपने बेटे तेजस्वी यादव को ‘बिहार का राजा’ बनाना चाहते हैं, जिन्होंने 9वीं कक्षा भी पास नहीं की है, जबकि आम लोगों के बच्चों को स्नातक पूरा करने के बावजूद नौकरी नहीं मिल रही है। राजद प्रमुख पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वह केवल लालू यादव की तारीफ कर रहे हैं और लोगों को उनसे सीखना चाहिए कि अपने बच्चों की देखभाल कैसे की जाती है।
बिहार के सारण में एक जनसभा को संबोधित करते हुए किशोर ने कहा, “हमें लालू प्रसाद यादव से सीखना चाहिए कि बच्चों की चिंता कैसे की जाती है। लालू जी का बेटा 9वीं पास नहीं कर पाया, लेकिन लालू यादव अपने बच्चे के लिए इतने चिंतित हैं कि वह अभी भी चाहते हैं कि वह बिहार का राजा बने। जब हम यह कहते हैं, तो लोग कहते हैं कि हम उनकी शिकायत करते हैं। नहीं! हम लालू यादव की तारीफ कर रहे हैं।” फिलहाल इन सब के बाद भी आरोप और प्रत्यारोपों का जनता पर कितना असर होता है यह तो आने वाले चुनावों के परिणामों से ही तय होगा।






