लखनऊ, 18 जनवरी 2026:
यूपी विधानभवन में सोमवार से शुरू हो रहे अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों और विधायी निकायों के सचिवों के सम्मेलन को लेकर अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इस उच्चस्तरीय सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष, राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित देशभर से कई वीआईपी और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इसी को देखते हुए विधानभवन और उसके आसपास के क्षेत्रों को पूरी तरह से हाई सिक्योरिटी जोन में बदल दिया गया है।
इस सम्मेलन के मद्देनजर विधानभवन की सुरक्षा को पांच जोन और 13 सेक्टर में बांटा गया है। हर जोन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है जिससे सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की चूक न हो। हाल ही में हुई दिल्ली ब्लास्ट की घटना को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। विशेष पुलिस बल तैनात किए गए हैं।
सम्मेलन का औपचारिक शुभारंभ 19 जनवरी को सुबह 10 बजे होगा लेकिन 18 जनवरी से ही पीठासीन अधिकारी और विधायी निकायों के सचिव लखनऊ पहुंचने लगेंगे। इनके आवागमन, ठहराव और कार्यक्रम स्थलों की सुरक्षा के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में पुलिस बल लगाया गया है। एटीएस कमांडो भी चौकस रहेंगे और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे।

सुरक्षा व्यवस्था में कुल पांच अपर पुलिस अधीक्षक, 13 डिप्टी एसपी, 45 इंस्पेक्टर, 460 दरोगा, 36 महिला दरोगा, 817 हेड कांस्टेबल, 143 महिला कांस्टेबल, 153 होमगार्ड, पांच प्लाटून पीएसी और बम निरोधक दस्ता शामिल किया गया है। इसके अलावा जिला प्रशासन ने भी बड़ी संख्या में मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी लगाई है।
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सम्मेलन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह तैयार हैं।






