प्रयागराज, 17 जनवरी 2026:
यूपी के प्रयागराज में संगम तट पर आयोजित माघ मेले में तृतीय स्नान पर्व मौनी अमावस्या को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। इस अवसर पर श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में आ गया है। भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रयागराज शहर और मेला क्षेत्र में कड़े यातायात प्रतिबंध लागू किए गए हैं।
प्रशासन के निर्देशानुसार आज रात से 19 जनवरी की रात 12 बजे तक प्रयागराज की सीमा में भारी और हल्के सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई है। इस अवधि में प्रशासनिक और चिकित्सकीय सेवाओं से जुड़े वाहनों को छोड़कर किसी भी वाहन को मेला क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। पूरे माघ मेला क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है। इसके साथ ही सुरक्षा कारणों से अक्षयवट दर्शन भी अस्थायी रूप से बंद रहेगा।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से कहा है कि वे केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें और मेला क्षेत्र में पैदल मार्गों से ही आवागमन करें। प्रयागराज शहर के अलावा कानपुर-लखनऊ, जौनपुर, वाराणसी, मिर्जापुर और रीवा की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहन संबंधित रूटों पर तय पार्किंग स्थलों में ही खड़े कराए जाएंगे।

भीड़ को सुचारु रूप से नियंत्रित करने के लिए पांटून पुलों पर वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू किया गया है। परेड ग्राउंड से झूंसी की ओर जाने के लिए पांटून पुल संख्या 3, 5 और 7 का उपयोग किया जाएगा। झूंसी से परेड ग्राउंड आने के लिए पुल संख्या 4 और 6 निर्धारित किए गए हैं। आपात स्थितियों के लिए पांटून पुल संख्या 1 और 2 को रिजर्व रखा गया है।
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल और पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने उत्तरी झूंसी, दक्षिणी झूंसी, परेड और संगम चारों जोन में तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रमुख स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों को हर समय अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित अवधि के बाद भी मेला क्षेत्र में भीड़ बनी रहती है, तो यातायात प्रतिबंधों को भीड़ समाप्त होने तक बढ़ाया जा सकता है।






