पंकज
काकोरी (लखनऊ), 24 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में काकोरी क्षेत्र के करीमाबाद गांव में राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर एक संस्था की ओर से बालिकाओं के अधिकारों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जागरूकता रैली और आर्ट प्रतियोगिता के जरिए बालिकाओं में आत्मसम्मान, अधिकारों की समझ और हिंसा के खिलाफ सामाजिक चेतना को मजबूत करने का प्रयास किया गया।
रैली के जरिए दिया सुरक्षा और सम्मान का संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत जागरूकता रैली से हुई, जिसमें ग्राम पंचायत की महिलाएं, किशोरियां, सामाजिक कार्यकर्ता, स्वयंसेवक और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। रैली के दौरान बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान से जुड़े संदेश दिए गए। गांव की गलियों से गुजरती इस रैली ने लोगों को बालिकाओं के अधिकारों के प्रति सोचने और जागरूक होने का संदेश दिया।
आर्ट प्रतियोगिता में उभरी किशोरियों की आवाज
इसके बाद 13 से 18 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों के लिए आर्ट प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता का विषय “बालिकाओं के अधिकार: हिंसा के विरुद्ध मेरी आवाज” रखा गया। प्रतिभागी किशोरियों ने अपने चित्रों के माध्यम से समाज को जागरूक करने वाले प्रभावशाली संदेश दिए। चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनका उत्साह बढ़ा। सामाजिक कार्यकर्ता साधना मिश्रा ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम किशोरियों को अपनी बात रखने का मंच देते हैं और उनके आत्मविश्वास को मजबूत करते हैं।
गांव की बेटियों से ही आएगा असली बदलाव
ग्राम पंचायत की महिला रुखसार ने कहा कि जब गांव की महिलाएं और बेटियां एकजुट होकर खड़ी होंगी, तभी वास्तविक बदलाव संभव होगा। आर्ट प्रतियोगिता में भाग लेने वाली किशोरी सृष्टि ने बताया कि इस मंच से उन्हें अपने अधिकारों को समझने और अपनी आवाज उठाने का अवसर मिला।






