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वोटर बनने पर युवा मनाएं उत्सव… राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर PM मोदी का संदेश, बोले- मतदाता देश का भाग्यविधाता

उंगली पर लगने वाली अमिट स्याही भारतीय लोकतंत्र की जीवंतता का प्रतीक, स्कूल-कॉलेजों को नए मतदाताओं के सम्मान और पंजीकरण अभियान का केंद्र बनाने का आग्रह, नारी शक्ति और युवाओं की सक्रिय भागीदारी को बताया मजबूत लोकतंत्र की नींव

न्यूज डेस्क, 25 जनवरी 2026

राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के नाम एक भावनात्मक और प्रेरणादायी पत्र लिखा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए ‘प्रधानमंत्री का पत्र’ में पीएम मोदी ने भारतीय लोकतंत्र की शक्ति, मतदाता की भूमिका और विशेष रूप से पहली बार वोट देने जा रहे युवाओं के महत्व को रेखांकित किया है।

पीएम ने देशवासियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि एक नागरिक के रूप में देश के लोकतंत्र से जुड़ना उनके लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है और यह केवल एक तथ्य नहीं बल्कि हमारी हजारों वर्षों पुरानी लोकतांत्रिक परंपराओं का प्रमाण है। पीएम मोदी ने लिखा कि डेमोक्रेसी, डिबेट और डायलॉग भारतीय संस्कृति की आत्मा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि देश में आम चुनाव की शुरुआत 1951 में हुई थी और 1952 में संपन्न हुए पहले आम चुनाव ने पूरी दुनिया को दिखा दिया कि लोकतांत्रिक भावना भारतीय स्वभाव में रची बसी है। इस वर्ष भारत अपने चुनावी सफर के 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है, जो हर भारतीय के लिए गौरव का विषय है।
अपने पत्र में पीएम मोदी ने मतदाता को लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी बताते हुए कहा कि मतदान केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। मतदाता देश का भाग्यविधाता होता है और उंगली पर लगने वाली अमिट स्याही भारतीय लोकतंत्र की जीवंतता का प्रतीक है।

पीएम मोदी ने पहली बार वोट देने जा रहे युवाओं पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यह उनके जीवन का एक ऐतिहासिक क्षण होता है। उन्होंने अपील की कि जब कोई युवा पहली बार मतदाता बने तो उसका उत्सव मनाया जाए। चाहे वह घर में मिठाई बांटकर हो या मोहल्ले और अपार्टमेंट में सामूहिक रूप से। मोदी ने स्कूलों और कॉलेजों से भी आग्रह किया कि वे छात्रों के पहली बार वोटर बनने को सम्मान और समारोह के रूप में मनाएं तथा पात्र युवाओं का मतदाता पंजीकरण सुनिश्चित करें।

पीएम ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर चुनाव कराना दुनिया के लिए एक प्रबंधन चुनौती हो सकती है, लेकिन भारत के लिए यह लोकतंत्र का महापर्व है। हिमालय की ऊंचाइयों से लेकर अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह और दूरदराज के जंगलों तक मतदाताओं की प्रतिबद्धता भारत की लोकतांत्रिक चेतना को दर्शाती है।

उन्होंने नारी शक्ति, विशेषकर युवा महिलाओं की भागीदारी को समावेशी लोकतंत्र की नींव बताया। साथ ही युवाओं से ‘मेरा युवा भारत (MY Bharat)’ प्लेटफॉर्म से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी ‘Can Do’ की भावना के साथ देश को आगे बढ़ाने की ताकत रखती है।

पत्र के अंत में प्रधानमंत्री ने सभी नागरिकों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे लोकतंत्र को और सशक्त बनाएंगे, ताकि एक विकसित, समावेशी और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सके।

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