लखनऊ, 25 जनवरी 2026:
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर रविवार को यूपी की राजधानी लखनऊ में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान स्थित मरकरी ऑडिटोरियम में हुए इस कार्यक्रम का शुभारंभ यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने किया। कार्यक्रम की थीम लोकतंत्र का उत्सव रही। इसके तहत एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई।
कार्यक्रम के दौरान सीईओ नवदीप रिणवा ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों को निष्पक्ष, स्वतंत्र और जागरूक मतदान कराने की शपथ दिलाई। उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने में महिला और युवा मतदाताओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और उनकी सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर लोकतंत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले महिला एवं युवा मतदाताओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही पहली बार मतदाता बने कुछ युवाओं को मंच से ही वोटर आईडी कार्ड प्रदान किए गए। इससे युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-SIR) के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ), बीएलओ सुपरवाइजर, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) और जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीएम) को भी सम्मानित किया गया। इन अधिकारियों की भूमिका को निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी, अद्यतन और सशक्त बनाने में अहम बताया गया।
इस अवसर पर सीईओ नवदीप रिणवा ने प्रदेश की मतदाता सूची में घटते महिला-पुरुष अनुपात को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि पहले यह अनुपात 1000 पुरुषों पर 911 महिलाओं का था, जो अब घटकर 824 रह गया है। उन्होंने इसे बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि इसी असंतुलन को दूर करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है, ताकि मतदाता सूची वास्तविक स्थिति को सही ढंग से दर्शा सके।

सीईओ ने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं, जिन्होंने अब तक फॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं कराया है। इसके कारण मतदाता सूची के आंकड़े अपेक्षित रूप से पूरे नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से समय रहते पंजीकरण कराने और अपने मतदान अधिकार को सुनिश्चित करने की अपील की।
नवदीप रिणवा ने बताया कि वर्तमान में एक बीएलओ के पास औसतन लगभग 300 घरों की जिम्मेदारी है और प्रदेश भर में करीब पौने दो लाख बीएलओ मतदाता सूची को अद्यतन रखने में जुटे हुए हैं। उन्होंने 31 जनवरी को सभी नागरिकों से अपने-अपने बूथ पर जाकर नाम जांचने और दावे-आपत्तियों का निस्तारण कराने की अपील करते हुए कहा कि चुनाव के समय नाम कटने की शिकायत से बचने के लिए अभी जांच करना बेहद जरूरी है।






