
बेंगलुरू, 24 मई 2025
देश में एक बार फिर से कोरोना का प्रकोप बढ़ रहा है, देश की राजधानी से लेकर अन्य राज्यों में लगातार कोरोना के मरीजो में इजाफा होते जा रहा है। कोरोना के नए वैरिएंट JN.1 को लेकर सरकार ने चिंता जताई है और देश के नागरिकों को हर संभव सतर्कता बरते को कहा है।
वहीं जानकारी के अनुसार बेंगलुरु में एक नौ महीने के बच्चे में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। बता दे कि बच्चा बेंगलुरु ग्रामीण जिले के होसकोटे का रहने वाला है जो पहले एक निजी अस्पताल में भर्ती था, फिर उसे उचित देखभाल के लिए कलसिपाल्या के वाणी विलास अस्पताल में भर्ती कराया गया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रधान सचिव हर्ष गुप्ता ने बताया कि 22 मई को रैपिड एंटीजन टेस्ट में बच्ची की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उन्होंने कहा, “मरीज की हालत स्थिर है और फिलहाल वह बेंगलुरु के कलासीपल्या स्थित वाणी विलास अस्पताल में भर्ती है।”
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने पुष्टि की है कि बच्चा चिकित्सा निगरानी में है और उपचार का असर हो रहा है। यह मामला राज्य में कोविड-19 के कम लेकिन उल्लेखनीय मामलों के बीच सामने आया है।21 मई को कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने बताया कि राज्य में 16 सक्रिय कोविड-19 मामले हैं।इस बीच, पड़ोसी राज्य केरल में कोविड-19 के मामलों में फिर से वृद्धि देखी जा रही है, मई में अब तक राज्य भर में 182 संक्रमण के मामले सामने आए हैं। मामलों में वृद्धि के जवाब में, स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने जनता से सतर्क रहने और सावधानी बरतने का आग्रह किया।
कोट्टायम जिले में सबसे ज़्यादा 57 मामले सामने आए, एर्नाकुलम में 34 मामले और तिरुवनंतपुरम में 30 मामले दर्ज किए गए। बाकी मामले अन्य जिलों में भी पाए गए।
आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने भी कोविड-19 के बढ़ते मामलों की खबरों के बीच 22 मई को जनता के लिए एक एडवाइजरी जारी की । स्वास्थ्य विभाग ने एक एडवाइजरी जारी कर लोगों से सामूहिक समारोहों से बचने और रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और हवाई अड्डों जैसी भीड़-भाड़ वाली जगहों पर कोविड-19 संबंधी सावधानियाँ बरतने का आग्रह किया है। बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष देखभाल की सलाह दी गई है, जिन्हें घर के अंदर रहने का आग्रह किया गया है।
लोगों को अच्छी स्वच्छता का पालन करने और भीड़भाड़ वाले या खराब हवादार क्षेत्रों में मास्क पहनने की याद दिलाई गई है। बुखार, खांसी, गले में खराश या जठरांत्र संबंधी समस्याओं जैसे लक्षण दिखने वाले लोगों को तुरंत जांच करवाने और अस्वस्थ होने पर बाहर जाने से बचने के लिए लगातार अपील की जा रही है।






