लखनऊ, 23 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। इसी कड़ी में गौतम बुद्ध नगर स्थित नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर (NAEC) और राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (SCVT) के बीच एक अहम समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता प्रदेश में कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा और उद्यमशीलता को मजबूत आधार देने वाला माना जा रहा है।
पश्चिमी यूपी के युवाओं पर खास फोकस
इस समझौते के तहत पहले चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 18 जनपदों के 128 विकास खंडों और 10,323 गांवों से जुड़े एक लाख युवाओं को अगले पांच वर्षों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण 28 अलग-अलग सेक्टरों में अल्पकालीन पाठ्यक्रमों के माध्यम से दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद 70,000 युवाओं को औद्योगिक इकाइयों में रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है।

महिलाओं की भागीदारी से सशक्तिकरण को बढ़ावा
इस योजना की खास बात यह है कि प्रशिक्षण पाने वाले युवाओं में 50 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं की होगी। इससे महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि महिला सहभागिता से प्रदेश की कार्यशक्ति और अधिक मजबूत होगी।
एनएईसी बनेगा इंडस्ट्री आधारित प्रशिक्षण केंद्र
एनएईसी, जो देश के प्रमुख अपैरल निर्यात क्लस्टरों में शामिल है, उद्योग की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा। प्रशिक्षण से लेकर रोजगार तक की पूरी प्रक्रिया एनएईसी अपने डिजिटल पोर्टल “कौशल गंगा” के माध्यम से संचालित करेगा। इसके साथ ही “कौशल आजीविका” और “कौशल बाजार” पोर्टल युवाओं को रोजगार और बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगे।
एससीवीटी करेगा मूल्यांकन और प्रमाणन
इस सहभागिता में राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। एससीवीटी, जो राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद से मान्यता प्राप्त संस्था है, सभी प्रशिक्षणार्थियों का मूल्यांकन और प्रमाणन करेगी। इसके लिए एनएईसी द्वारा प्रति प्रशिक्षणार्थी 1200 रुपये प्रमाणन शुल्क दिया जाएगा। साथ ही एससीवीटी नए पाठ्यक्रम तैयार कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर से अनुमोदित भी कराएगी।
यूपी को स्किल हब बनाने की तैयारी
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य हर युवा को हुनरमंद बनाना है ताकि उसे रोजगार के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने कहा कि एनएईसी और एससीवीटी के बीच यह समझौता उद्योग और शिक्षा के बीच मजबूत पुल का काम करेगा। एमओयू के अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ हरिओम और विशेष सचिव एवं निदेशक एससीवीटी अभिषेक सिंह भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस पहल को प्रदेश की कौशल नीति के लिए मील का पत्थर बताया।





