गोंडा, 30 जनवरी 2026:
सड़क हादसों के मुकदमे दर्ज हुए। इसके बाद जांच करने वाले पुलिसकर्मियों ने कहीं ड्राइवर तो कहीं वाहन ही बदल दिया। घूस लेकर चल रहे इस खेल की भनक बीमा कंपनियों को हुई। शिकायत आईजी तक पहुंची। एसआईटी ने जांच की अब आईजी ने एक इंस्पेक्टर व 12 दरोगाओं को सस्पेंड कर दिया है। ये सभी गोंडा, बहराइच व श्रावस्ती जिले में तैनात है।
मामला देवीपाटन मंडल से जुड़ा है। ये कार्रवाई आईजी अमित पाठक ने की है। दरअसल आईजी ने बहराइच, गोंडा व श्रावस्ती तीनों जिलों में अलग अलग जगह हुए सड़क हादसों के दर्ज मुकदमों के बारे में शिकायत मिलने पर SIT गठित कर जांच कराई थी। जांच में पाया गया कि कई मामलों में दर्घटना करने वाले वाहन चालक को बचाने के लिए दूसरे को चालक दर्शाया गया, जबकि कुछ मामलों में दुर्घटना में प्रयुक्त वाहन के स्थान पर किसी अन्य वाहन को दिखाकर बीमा कंपनियों से अनुचित लाभ लेने का प्रयास किया गया। इसी कोशिश में पता चला कि जो वाहन चालक घटना के समय मुंबई में मौजूद था, उसे बहराइच के मोतीपुर क्षेत्र में हुई दुर्घटना का आरोपी बना दिया। इतना ही नहीं एक दुर्घटना बाइक से हुई थी। लेकिन, विवेचक ने रिकॉर्ड में पिकअप वाहन दिखाया।
इस पूरे घपले का असर बीमा कंपनियों पर पड़ा। वहीं हादसे से पीड़ित लोगों को भी न्याय नहीं मिल सका। इसे गंभीरता से लेते हुए आईजी अमित पाठक ने तत्काल एक्शन लिया और एक निरीक्षक और 12 उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है।
इन पर गिरी गाज
गोंडा में खरगूपुर के उपनिरीक्षक शेषनाथ पांडेय, इटियाथोक के शशांक मौर्य, श्रावस्ती जनपद के इकौना थाने के उपनिरीक्षक शैलेश कुमार व प्रेमचंद तथा भिनगा थाने के निरीक्षक योगेश सिंह व उपनिरीक्षक गुरुसेन सिंह शामिल हैं। वहीं सर्वाधिक पुलिसकर्मी बहराइच जिले के है। इनमें बहराइच हरदी थाने के उपनिरीक्षक अरुण कुमार पांडेय, थाना रामगांव के उपनिरीक्षक संजीव कुमार, थाना नवाबगंज के अशोक कुमार, थाना नानपारा के उपनिरीक्षक अशोक कुमार एवं विवेक यादव, थाना मटेरा के उपनिरीक्षक तेज नरायण यादव व राकेश कुमार, थाना नानपारा के उपनिरीक्षक राजेश्वर सिंह, थाना रामगांव के रुपनरायन गौड़, थाना मोतीपुर के उपनिरीक्षक विजय यादव व दिवाकर तिवारी, थाना बौंडी के उपनिरीक्षक मेहताब आलम शामिल हैं।






