लखनऊ, 22 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण इलाकों में सिर्फ काम के अवसर नहीं दे रही, बल्कि महिलाओं को नेतृत्व की जिम्मेदारी भी सौंप रही है। रोजगार गारंटी व्यवस्था के तहत महिलाएं अब मेट बनकर काम की निगरानी, प्रबंधन और नेतृत्व कर रही हैं। मानव दिवस सृजन में महिलाओं की भागीदारी 43 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जिससे यह साफ है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
23 लाख से अधिक महिलाओं को मिला रोजगार
वित्तीय वर्ष 2025-26 उत्तर प्रदेश के लिए ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक साल बनकर सामने आया है। इस अवधि में 23 लाख से अधिक महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इससे न केवल लाखों परिवारों को स्थायी आय का सहारा मिला है, बल्कि गांवों में आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव भी पड़ी है। ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए महिलाओं की आय बढ़ी है और उनके सामाजिक व आर्थिक आत्मविश्वास में भी स्पष्ट बढ़ोतरी हुई है।
महिला मेट्स के हाथों में जिम्मेदारी
महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने के लिए योगी सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक करीब 32 हजार से अधिक महिला मेट्स को कार्य सौंपा गया है। ये महिला मेट्स गांवों में विकास कार्यों की निगरानी, श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने और पूरे कामकाज के प्रबंधन की जिम्मेदारी निभा रही हैं। सरकार ने इन महिला मेट्स को 111 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी है, जिससे पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़े हैं।
स्वयं सहायता समूह बने महिला सशक्तिकरण की ताकत
महिला सशक्तिकरण को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए सरकार ने स्पष्ट रणनीति अपनाई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को प्राथमिकता के आधार पर महिला मेट बनाया जा रहा है। इससे गांवों में रोजगार के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता और प्रबंधन कौशल का भी तेजी से विकास हो रहा है। अब महिलाएं केवल कामगार नहीं, बल्कि गांवों की निर्णय प्रक्रिया का अहम हिस्सा बन रही हैं।
समय पर भुगतान से मजबूत हुआ भरोसा
रोजगार गारंटी व्यवस्था में पारदर्शिता का असर आंकड़ों में भी दिख रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 97 प्रतिशत से अधिक श्रमिकों को समय पर भुगतान किया गया है। इससे यह साफ होता है कि व्यवस्था अब भरोसेमंद बन चुकी है और श्रमिकों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिल रहा है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई रफ्तार
प्रदेश में ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत अब तक 6703 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इससे गांवों में विकास कार्यों को गति मिली है, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बने हैं और पलायन पर प्रभावी रोक लगी है। अनुसूचित जाति और जनजाति के परिवारों को प्राथमिकता देकर सरकार ने समावेशी विकास को भी मजबूती दी है। महिलाओं को केंद्र में रखकर बनाई गई यह नीति उत्तर प्रदेश को देश के सामने वूमेन लीड ग्रोथ मॉडल के रूप में स्थापित कर रही है।






