लखनऊ, 1 फरवरी 2026:
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम बजट 2026-27 को दूरदर्शी, सर्वसमावेशी और विकास को रफ्तार देने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की मजबूत बुनियाद रखता है और 145 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उत्तर प्रदेश इस बजट की हर घोषणा को धरातल पर उतारते हुए विकसित भारत के लक्ष्य में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट को सीएम ने टीवी पर सुना। उन्होंने इसकी एक तस्वीर भी साझा की। इसके बाद मीडिया से रूबरू होकर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृतकाल के लक्ष्यों को पाने के लिए इसमें साफ और व्यावहारिक रोडमैप नजर आता है। यह पहला मौका है जब बजट कर्तव्य भवन में तैयार किया गया है, जो अपने आप में एक अहम संदेश देता है।

सीएम योगी ने कहा कि बजट में देश के तीन अहम कर्तव्यों को केंद्र में रखा गया है। तेज आर्थिक विकास, नागरिकों की क्षमताओं का विस्तार और हर परिवार तक समान अवसर पहुंचाना। उनके मुताबिक किसानों, युवाओं, महिलाओं, उद्यमियों और आम नागरिकों के लिए इसमें ठोस और काम के प्रावधान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पिछले वर्षों में रोजगार सृजन, उत्पादकता बढ़ाने और आर्थिक प्रगति के लिए बड़े सुधार किए गए हैं। स्वतंत्रता दिवस 2025 के बाद जीएसटी सरलीकरण और श्रम संहिताओं समेत 350 से ज्यादा सुधार लागू हुए, जिनका असर आज वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूत भारतीय अर्थव्यवस्था के रूप में दिख रहा है।
सीएम योगी ने बजट में पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के कायाकल्प के प्रस्ताव को सराहनीय बताया। चैंपियन एमएसएमई, इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा, दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और नगरीय आर्थिक क्षेत्रों के विकास से उत्तर प्रदेश को कृषि, ग्रामीण रोजगार, उद्योग और नवाचार में नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास से मत्स्य पालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पशुपालन क्षेत्र में उद्यमशीलता बढ़ने से युवाओं और किसानों को रोजगार और अतिरिक्त आय के मौके मिलेंगे।
शहरी विकास के लिए खास प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने बताया कि शहरी विकास के क्षेत्र में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने पर 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा अहम है। लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और आगरा पहले ही म्यूनिसिपल बॉन्ड के मॉडल रहे हैं। इससे प्रदेश का शहरी ढांचा और मजबूत होगा।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हर जिले में स्टेम संस्थानों के लिए एक छात्रावास बनाने का फैसला युवाओं के लिए बड़ा कदम है। स्वास्थ्य सेक्टर में देश में पांच मेडिकल हब बनाए जाएंगे, जिनमें एक वाराणसी में होगा। इसके अलावा पांच क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों के लिए राज्यों को सहायता दी जाएगी, जिससे उत्तर प्रदेश को सीधा लाभ मिलेगा।
सीएम योगी ने कहा कि वस्त्र और हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना, टेक्स-इकॉन और समर्थ 2.0 जैसी योजनाएं पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी के लाखों कारीगरों और बुनकरों को मजबूती देंगी। सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, केमिकल पार्क, कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग और विरासत औद्योगिक क्षेत्रों के पुनरुद्धार से प्रदेश की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करना इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास नीति को नई ताकत देता है। एक्सप्रेसवे, औद्योगिक कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स पार्क से यूपी को बड़ा फायदा होगा। दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी जैसे प्रमुख मार्ग पूर्वांचल को हाई स्पीड नेटवर्क से जोड़ेंगे, जिससे पर्यटन और कारोबार को गति मिलेगी।
सीएम योगी के मुताबिक सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन को भी बजट में खास जगह दी गई है। नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड के जरिए प्रमुख विरासत स्थलों का डिजिटल दस्तावेजीकरण होगा। सारनाथ और हस्तिनापुर का देश के 15 प्रमुख पुरातात्विक स्थलों में शामिल होना प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नया आयकर अधिनियम अप्रैल 2026 से लागू होगा और इससे आम लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। कुल मिलाकर बजट 2026 विकास, विश्वास और अवसर को नई ऊंचाई देता है। यह सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना पर आधारित लोक-कल्याणकारी बजट है।






