लखनऊ, 6 जनवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के लोकभवन में मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में विकास और प्रशासन से जुड़े 13 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन, उद्योग, परिवहन, उच्च शिक्षा, चिकित्सा और खेल जैसे प्रमुख विभाग शामिल रहे। बैठक के बाद मंत्रियों ने प्रेसवार्ता में फैसलों की जानकारी दी।
कैबिनेट का सबसे बड़ा और आमजन से जुड़ा फैसला गिफ्ट डीड से संबंधित है। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि अब आवासीय और कृषि भूमि की तरह औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों की भी गिफ्ट डीड मात्र 5000 रुपये के स्टांप पर कराई जा सकेगी। इससे पहले शहरों में 7 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 5 प्रतिशत स्टांप शुल्क देना पड़ता था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से यह सुविधा आवासीय और कृषि संपत्तियों के लिए लागू थी। इसे अब व्यवसायिक और औद्योगिक संपत्तियों तक विस्तार दिया गया है। इसके अलावा कुशीनगर और झांसी में नए रजिस्ट्री कार्यालयों के लिए जमीन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। thehohalla news
उद्योग विभाग की ओर से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) के लिए तैयार की गई नई गाइडलाइन को भी स्वीकृति मिल गई है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि जनवरी 2024 में लाई गई सेमीकंडक्टर नीति के तहत 3000 करोड़ रुपये या उससे अधिक का निवेश करने वाली इकाई को केस-टू-केस सब्सिडी और कई तरह की रियायतें दी जाएंगी।

परिवहन और नगरीय विकास से जुड़े फैसलों में पीलीभीत में नए बस स्टेशन के निर्माण को मंजूरी दी गई है। मुख्यालय से एक किलोमीटर दूर कनेक्ट रोड पर 7000 वर्ग मीटर भूमि 30 साल की लीज पर दी गई है, जिसे दो बार 30-30 साल के लिए बढ़ाया जा सकेगा। दो वर्षों में बस अड्डा बनकर तैयार होगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए वाराणसी के मंडलीय चिकित्सालय के 11 पुराने भवनों को ध्वस्त कर 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाए जाने को मंजूरी दी गई है, जो चार वर्षों में पूरा होगा। इसके साथ ही वाराणसी में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के लिए 50 एकड़ जमीन देने का भी निर्णय लिया गया।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद से जुड़े मामले पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फर्जी मार्कशीट जारी होने के मामले में विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव की गिरफ्तारी हुई थी। जांच में सहयोग न मिलने पर डीएम और ईओडब्ल्यू से जांच कराई गई। इसके बाद विश्वविद्यालय की मान्यता समाप्त कर परिसमापना की कार्रवाई पूरी कर दी गई। वहीं मेरठ स्थित आईआईएमटी विश्वविद्यालय को नोएडा में ऑफ-कैंपस खोलने के लिए संचालन प्राधिकार पत्र देने को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
खेल विभाग में क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारियों के 18 रिक्त पदों में से 12 पद भरे जाएंगे। 6 पद अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए आरक्षित होंगे। पीएसी 37वीं वाहिनी, कानपुर के निष्प्रयोज्य भवनों को ध्वस्त कर वहां 108 टाइप-वन आवासों के निर्माण को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। इन फैसलों के जरिए योगी सरकार ने निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल के साथ-साथ आम लोगों को सीधा लाभ देने वाले कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।






