Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के सुकमा में 16 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, केरलपेंडा गांव हुआ माओवाद मुक्त

सुकमा, 3 जून 2025

छत्तीसगढ़ में सरकार और सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। यहां पर सोमवार को सुकमा जिले में 25 लाख रुपये के छह इनामी सहित कुल 16 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वाले 16 नक्सलियों में से 9 नक्सली चिंतलनार पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत केरलापेंदा ग्राम पंचायत के हैं।

अधिकारी ने बताया कि इस आत्मसमर्पण के साथ ही गांव नक्सल मुक्त हो गया है, जिससे यह राज्य सरकार की नई योजना के अनुसार एक करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के लिए भी पात्र हो गए हैं।

सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि एक महिला समेत सभी 16 माओवादियों ने वरिष्ठ पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। उन्होंने माओवादियों की “खोखली” और “अमानवीय” विचारधारा तथा स्थानीय आदिवासियों पर उनके अत्याचारों से निराशा जताते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता छत्तीसगढ़ सरकार की ‘नियाद नेल्लनार’ (आपका अच्छा गांव) योजना से भी प्रभावित थे, जिसका उद्देश्य दूरदराज के गांवों में विकास कार्यों को सुविधाजनक बनाना है, और राज्य की नई आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से भी प्रभावित थे। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में रीता उर्फ ​​डोडी सुक्की (36) नामक महिला शामिल है जो माओवादियों की केंद्रीय क्षेत्रीय समिति (सीआरसी) कंपनी नंबर 2 की सक्रिय सदस्य थी और राहुल पुनेम (18) माओवादियों की पीएलजीए बटालियन नंबर 1 का सदस्य था। इन दोनों पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था।

अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा लेकम लखमा (28) पर तीन लाख रुपये का इनाम था, जबकि तीन अन्य अपराधियों पर दो-दो लाख रुपये का इनाम था। आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों में से नौ केरलपेंडा ग्राम पंचायत के थे। अधिकारी ने बताया कि उनके आत्मसमर्पण के साथ ही यह इलाका नक्सल मुक्त हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की एलवाड पंचायत योजना के अनुसार गांव को विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

यह योजना नई छत्तीसगढ़ नक्सल आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 के अंतर्गत शुरू की गई है। इसमें उन ग्राम पंचायतों के लिए एक करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी देने का प्रावधान है जो अपने क्षेत्र में सक्रिय नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने में सहायता करते हैं तथा उन्हें माओवाद-मुक्त घोषित करने का प्रस्ताव पारित करते हैं।

राज्य सरकार द्वारा हाल ही में इस योजना की शुरुआत किए जाने के बाद यह जिले की दूसरी ऐसी ग्राम पंचायत है जो नक्सल समस्या से मुक्त हो गई है।

अप्रैल में, बड़ेसट्टी को नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया था, जब वहां के सभी 11 निचले स्तर के नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। एसपी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को 50-50 हजार रुपये की सहायता दी गई है तथा सरकार की नीति के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा। पिछले वर्ष राज्य के बस्तर क्षेत्र में 792 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। बस्तर क्षेत्र में सुकमा सहित सात जिले आते हैं।

 

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