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Mann Ki Baat: योग, अंधविश्वास, पर्यावरण से लेकर AI तक… मोदी ने दिए कई बड़े संदेश

प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत, रक्षा उत्पादन, योग, बीमा योजनाओं, पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने, Vocal for Local, मिट्टी की गणेश प्रतिमा अपनाने सहित कई मुद्दों पर देशवासियों से अपील की

न्यूज डेस्क, 28 जून 2026:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात की 135वीं कड़ी में देशवासियों से रूबरू हुए। पीएम ने आत्मनिर्भर भारत, राष्ट्रीय सुरक्षा, जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण, खेल, तकनीक, भारतीय संस्कृति, बीमा योजनाओं, जल संरक्षण, AI, प्राकृतिक खेती, योग, अंधविश्वास से मुक्ति समेत कई अहम विषयों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी ताकत उसके नागरिक हैं और जनभागीदारी से हर बड़ी चुनौती का मुकाबला किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जून महीने में भारत ने रक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। भारतीय नौसेना में पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से तैयार INS दूनागिरी, INS संशोधक और INS अग्रय शामिल किए गए। वहीं Made In India C-295 विमान ने पहली उड़ान पूरी की है। देश में ऐसे 40 विमान तैयार किए जा रहे हैं, जिससे MSME और Aerospace सेक्टर को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने DRDO की स्वदेशी Long Range Land Attack Cruise Missile के सफल परीक्षण का भी जिक्र किया।

योग दिवस का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि इस बार दुनिया के 2500 से ज्यादा स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित हुए। अहमदाबाद में हुई विश्व योगासन चैंपियनशिप में भारत ने 114 पदक जीते, जिनमें 102 स्वर्ण पदक शामिल रहे। उन्होंने महाराष्ट्र में एक विवाह समारोह में मेहमानों को बीमा कवर देने का उदाहरण देकर बीमा योजनाओं का जिक्र किया।

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प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में बने युद्ध जैसे हालात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले उन्होंने लोगों से सोना खरीदने से बचने, विदेश यात्राएं टालने, Car Pooling अपनाने, बस और मेट्रो का ज्यादा इस्तेमाल करने, प्राकृतिक खाद को बढ़ावा देने की अपील की थी। खुशी की बात है कि बड़ी संख्या में लोगों ने इन सुझावों को अपनाया है। कई परिवारों ने शादी में नया सोना खरीदने के बजाय पुराने गहनों को रीसायकल कराने का फैसला किया है।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने अंधविश्वास के खिलाफ भी मजबूत संदेश दिया। उन्होंने असम के दुर्लभ पक्षी हरगिला का उदाहरण देते हुए बताया कि कभी जिस पक्षी को अशुभ माना जाता था, आज वही लोगों की पहचान बन चुका है। जीव वैज्ञानिक पूर्णिमा देवी बर्मन के प्रयासों से हजारों महिलाएं हरगिला आर्मी से जुड़कर इस पक्षी के संरक्षण का काम कर रही हैं। खेलों को बढ़ावा देने की चर्चा करते हुए उन्होंने नागालैंड की Baby League और Women Futsal League की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास बच्चों और बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने का बेहतर मौका दे रहे हैं।
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प्रधानमंत्री ने तकनीक और परंपरा के संतुलन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय ने शास्त्रार्थ की प्राचीन परंपरा को फिर से जीवंत किया है। वहीं Central Sanskrit University अब Artificial Intelligence और Data Science में B.Tech कार्यक्रम शुरू करने जा रही है, जिससे भारतीय भाषाओं के लिए नए AI Tools विकसित करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि Dominican Republic में ब्रह्मकमल डोमिनिकाना नाम का समूह वैदिक साहित्य और वैदिक मंत्रों का अध्ययन कर भारतीय संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है। प्रधानमंत्री ने इस प्रयास की सराहना की। मेघालय के Living Root Bridges का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने इन्हें UNESCO World Heritage Site Network में शामिल कराने के लिए आवेदन किया है। उन्होंने बताया कि स्थानीय समुदाय वर्षों से इन जीवित पुलों के संरक्षण में जुटा है।

स्वच्छता अभियान का उदाहरण देते हुए उन्होंने मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं की तारीफ की, जिन्होंने प्लास्टिक कचरे से Eco-Bricks तैयार कर सार्वजनिक स्थानों को सुंदर बनाने का काम किया।

गणेश उत्सव को लेकर प्रधानमंत्री ने लोगों से खास अपील की कि इस बार केवल देश की मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाएं खरीदें। Plaster of Paris से बनी मूर्तियों से बचें और स्थानीय कुम्हारों व कलाकारों का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि इससे पर्यावरण की रक्षा होगी और Vocal for Local अभियान को भी मजबूती मिलेगी।
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कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने एक बार फिर जल संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि बारिश की हर बूंद बचाना जरूरी है। उन्होंने लोगों से Catch the Rain अभियान को और मजबूत बनाने की अपील की। साथ ही कहा कि देशभर में हो रहे छोटे-छोटे सकारात्मक प्रयास ही भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं और इन्हीं से नए भारत का निर्माण हो रहा है।

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