
विजय पटेल
रायबरेली, 12 जुलाई 2026:
रायबरेली पहुंचे ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर सामने आए विवाद पर केंद्र सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट दोनों पर सवाल उठाए। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिस व्यवस्था ने ट्रस्ट बनाया, उसी व्यवस्था ने जांच के लिए एसआईटी भी गठित की है। ऐसे में निष्पक्ष जांच को लेकर लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि यह पूरी व्यवस्था ऐसी दिखाई देती है, जिसमें जांच और प्रबंधन एक ही दायरे में हैं। इसी वजह से पूरे मामले पर लोगों का भरोसा प्रभावित हो रहा है।
बोले- जांच की निष्पक्षता पर खड़े हो रहे सवाल
शंकराचार्य ने कहा कि मौजूदा हालात में यह मामला चोर-पुलिस के खेल जैसा नजर आता है। उनका कहना था कि जब जांच करने वाली व्यवस्था और जिस पर सवाल उठ रहे हैं, दोनों का संबंध एक ही तंत्र से हो, तब निष्पक्षता पर सवाल खड़े होना लाजिमी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि लोगों का विश्वास बना रहे।
चंपत राय के बयान पर भी उठाए सवाल
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के बयानों का जिक्र करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि जब चढ़ावे से जुड़े मामले की चर्चा शुरू हुई तब सार्वजनिक रूप से सब कुछ सामान्य बताया गया। बाद में जो सफाई सामने आई, वह पहले दिए गए बयानों से मेल नहीं खाती। उन्होंने कहा कि बाद में दिए गए स्पष्टीकरण लोगों के मन में उठे सवालों को पूरी तरह खत्म नहीं कर पाए हैं।
सरकार पर भी साधा निशाना
शंकराचार्य ने सरकार की कार्यशैली पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि देश में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, जिसमें लोग खुलकर अपनी बात कहने से बचते हैं। उनके मुताबिक लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर व्यक्ति को बिना किसी डर के अपनी राय रखने का अधिकार होना चाहिए।

सपा के लिए प्रचार करने के आरोपों को किया खारिज
समाजवादी पार्टी के समर्थन में प्रचार करने के आरोपों पर उन्होंने साफ कहा कि उनका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा का मकसद राजनीति नहीं, बल्कि समाज के बीच जाकर गौसंरक्षण, जनजागरण और Voter Awareness का संदेश पहुंचाना है।
403 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने का लक्ष्य
शंकराचार्य ने बताया कि उनकी यात्रा उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों तक जाएगी। यात्रा के जरिए लोगों को गौसंरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है। साथ ही मतदाताओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यात्रा पूरी तरह सामाजिक सरोकारों से जुड़ी है और इसका उद्देश्य लोगों के बीच संवाद बढ़ाना है।






