न्यूज डेस्क, 25 जुलाई 2026:
वाराणसी का ऐतिहासिक सारनाथ अब UNESCO World Heritage List में शामिल हो गया है। दक्षिण कोरिया के Busan में चल रही UNESCO World Heritage Committee की 48वीं बैठक में प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ को विश्व धरोहर का दर्जा देने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की इस ऐतिहासिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।
बुद्ध के पहले उपदेश से जुड़ा है इतिहास
सारनाथ बौद्ध धर्म के सबसे महत्वपूर्ण स्थलों में गिना जाता है। मान्यता है कि ज्ञान प्राप्ति के बाद भगवान बुद्ध ने यहीं अपना पहला उपदेश दिया था। इसी वजह से दुनिया भर के बौद्ध अनुयायियों के लिए सारनाथ एक प्रमुख pilgrimage site है। सारनाथ में मौजूद धम्मेक स्तूप इस पूरे क्षेत्र की सबसे अहम ऐतिहासिक संरचनाओं में शामिल है। इसके अलावा चौखंडी स्तूप, अशोक स्तंभ से जुड़ी विरासत, प्राचीन मठों के अवशेष और सारनाथ संग्रहालय यहां के इतिहास को खास बनाते हैं।
धम्मेक स्तूप से लेकर संग्रहालय तक खास विरासत
सारनाथ की पहचान सिर्फ एक धार्मिक स्थल के तौर पर नहीं है। यहां मौजूद archaeological remains भारत में बौद्ध धर्म के विकास, कला और स्थापत्य की लंबी कहानी बताते हैं। सारनाथ संग्रहालय में संरक्षित बौद्ध कला से जुड़े अवशेष भी इस विरासत की अहम कड़ी हैं। भारत की प्राचीन विरासत में सारनाथ की जगह इसलिए भी खास है क्योंकि यह स्थल बौद्ध धर्म के शुरुआती दौर की कई महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ा हुआ है। यहां हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक और इतिहास में रुचि रखने वाले लोग पहुंचते हैं।

पर्यटन को मिलेगा नया बूस्ट
UNESCO World Heritage Site का दर्जा मिलने के बाद सारनाथ में international tourism बढ़ने की उम्मीद है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर होटल, गाइड, ट्रांसपोर्ट, स्थानीय बाजार और दूसरे छोटे कारोबारों को भी फायदा मिल सकता है। सारनाथ की global branding मजबूत होने से वाराणसी के tourism circuit को भी फायदा मिलने की संभावना है। वाराणसी आने वाले पर्यटकों के लिए सारनाथ पहले से प्रमुख आकर्षण है, अब UNESCO की पहचान इसे international travel map पर और मजबूती से स्थापित करेगी।
लंबे समय से था UNESCO दर्जे का इंतजार, पीएम व सीएम ने दी बधाई
सारनाथ को UNESCO World Heritage List में शामिल कराने की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी। भारत ने इसे World Heritage status के लिए nominate किया था। 48वीं World Heritage Committee बैठक में इस nomination पर फैसला हुआ। UNESCO की समिति की यह बैठक 19 से 29 जुलाई 2026 तक Busan में आयोजित की जा रही है।
पीएम बोले- हर भारतीय के लिए गर्व का पल
सारनाथ को यह दर्जा मिलने के बाद पीएम ने अपने एक्स अकाउंट से बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये हर भारतीय के लिए गर्व का पल है। इस बात की खुशी है कि उत्तर प्रदेश के सारनाथ को UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। सारनाथ का भगवान बुद्ध से गहरा नाता है; ज्ञान, करुणा और सद्भाव का उनका कालातीत संदेश दुनिया को प्रेरित करता है। यह सम्मान भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का जश्न है। इससे दुनिया भर के और भी लोग सारनाथ आने और भगवान बुद्ध के आदर्शों से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।






