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बच्चों की थाली में स्वाद का दम! आंगनबाड़ी में गर्म खाने की पक्की व्यवस्था, 32.88 लाख नौनिहालों को रोज पोषण की डोज

रोटी-सब्जी से तहरी तक साप्ताहिक मेन्यू में पौष्टिकता का तड़का, खाने की गुणवत्ता पर दो वयस्कों की निगरानी, यूपी के 1.89 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों पर चल रही हॉट कुक्ड मील योजना

लखनऊ, 1 सितंबर 2026:

यूपी में बच्चों के पोषण के नाम पर सिर्फ कागजों में योजनाएं चलाने के बजाय अब आंगनबाड़ी केंद्रों में उनकी थाली तक गर्म खाना पहुंचाने पर जोर है। योगी सरकार की सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण-2.0 की गाइडलाइन के तहत संचालित हॉट कुक्ड मील योजना के जरिए प्रदेश के करीब 32.88 लाख बच्चों को नियमित तौर पर ताजा, गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। यानी पोषण की सरकारी फाइल अब कम से कम आंगनबाड़ी की रसोई तक पहुंचती दिखाई दे रही है।

प्रदेश में करीब 1.45 लाख को-लोकेटेड और 0.44 लाख नॉन-को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इन केंद्रों पर आने वाले 3 से 6 वर्ष की उम्र के बच्चों को हर दिन निर्धारित मात्रा में पका हुआ भोजन दिया जाता है। विभाग के मुताबिक हर बच्चे के लिए प्रतिदिन 70 ग्राम खाद्यान्न से भोजन तैयार किया जाता है।

मेन्यू में तहरी से लेकर रोटी-सब्जी तक

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बच्चों को रोज एक ही सरकारी ‘खिचड़ी’ से बहलाने की कोशिश नहीं है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने साप्ताहिक मेन्यू तय किया है। इसमें अलग-अलग दिनों में रोटी-सब्जी, चावल-दाल, मौसमी सब्जियों से तैयार तहरी समेत अन्य पौष्टिक व्यंजन शामिल हैं। इसका मकसद बच्चों को भरपेट भोजन के साथ संतुलित आहार की आदत भी कम उम्र से ही लगाने का है।

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थाली में खाना पहुंचने से पहले कई कसौटियां

सरकार ने भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर भी मानक तय किए हैं। कोटेदार से मिलने वाला खाद्यान्न उत्तम गुणवत्ता का होना चाहिए। खाना बनाने से पहले अनाज की अच्छी तरह सफाई और हरी सब्जियों को दो से तीन बार पानी से धोना अनिवार्य किया गया है।

इतना ही नहीं बच्चों की थाली में भोजन पहुंचने से पहले उसकी ‘परीक्षा’ भी होती है। कम से कम दो वयस्क व्यक्ति.जैसे शिक्षक, रसोइया या माता समिति के सदस्य रोस्टर के अनुसार भोजन की जांच करते हैं। इसमें स्वाद और गुणवत्ता दोनों परखी जाती हैं।

कहीं स्कूल की रसोई, कहीं पंचायत का सहारा

को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर भोजन प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की पीएम पोषण योजना की रसोई और संसाधनों का इस्तेमाल कर तैयार किया जाता है। वहीं नॉन-को-लोकेटेड केंद्रों पर स्थानीय निकायों या ग्राम पंचायतों की ओर से उपलब्ध कराए गए बर्तन, गैस चूल्हे और अन्य संसाधनों की मदद ली जाती है।

प्रदेश के महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी के मुताबिक हॉट कुक्ड मील योजना से नियमित रूप से 32.88 लाख बच्चों को गर्म और पौष्टिक आहार मिल रहा है। सरकार का दावा है कि योजना का फोकस केवल बच्चों का पेट भरना नहीं अपितु उनकी पोषण स्थिति सुधारने और स्वस्थ खान-पान की आदत विकसित करने पर भी है।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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