Lucknow Flood : हजारों घरों में पानी, 13 दिन से लाखों लोग बेहाल, राहत में जुटा सिविल डिफेंस, कुछ गिरा गोमती का जलस्तर
बाढ़ प्रभावित मोहल्लों में सड़कों पर चल रहीं नाव, नवरात्रि के पहले दिन पहली बार बंद रहा मां चंद्रिका देवी मंदिर, प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जा रही खाद्य सामग्री, पानी और दवाएं

लखनऊ, 11 अक्टूबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के बड़े इलाके में बाढ़ का संकट 13 दिन बाद भी बरकरार है। फैजुल्लागंज के करीब 40 हजार घरों में अब भी पानी भरा है। जलभराव और बाढ़ ने हजारों परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी को दुश्वार बना दिया है। घरों में पानी घुसा है तो सड़कों पर नाव चल रही हैं। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बख्शी का तालाब (बीकेटी) क्षेत्र में नवरात्रि के पहले दिन मां चंद्रिका देवी मंदिर भी बंद रहा। बताया जा रहा है कि पहली बार नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धालु माता के दर्शन नहीं कर सके।
गोमती का जलस्तर गिरा, संकट अभी बरकरार
लगातार बाढ़ की मार झेल रहे लोगों के लिए थोड़ी राहत की खबर मिली। गोमती नदी का जलस्तर घटने लगा है। गऊघाट पर नदी का जलस्तर करीब 108 मीटर रिकॉर्ड किया गया जो एक दिन पहले के मुकाबले कम है। हालांकि, जलस्तर में इस गिरावट के बावजूद फैजुल्लागंज समेत कई प्रभावित इलाकों में बाढ़ की समस्या विकराल बनी हुई है। लोगों को घरों से निकलने, जरूरी सामान जुटाने और रोजमर्रा के काम निपटाने में बेहद मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।

मुसीबत में मददगार बना सिविल डिफेंस
बाढ़ के बीच प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने के लिए सिविल डिफेंस का अभियान लगातार जारी है। रविवार को फैजुल्लागंज में सिविल डिफेंस के प्रखंड लोहिया नगर की टीम ने मामा कॉलोनी, दाउदनगर, विष्णु विहार कॉलोनी समेत अन्य जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। टीम ने स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सामग्री, शुद्ध पेयजल तथा आवश्यक दवाएं वितरित कीं।

चीफ वार्डन अमरनाथ मिश्रा के मार्गदर्शन में चलाए गए अभियान में स्टाफ ऑफिसर टू चीफ वार्डन ऋतु राज रस्तोगी, डिविजनल वार्डन सुनील कुमार तिवारी, डिप्टी डिविजनल वार्डन डॉ. पंकज कुमार और स्टाफ ऑफिसर कमलेश सिंह ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। टीम ने जरूरतमंदों तक तत्काल सहायता पहुंचाने के साथ उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा भी दिया।
राहत अभियान में शोएब जलाली, दिलशाद अहमद, अनुभव द्विवेदी, ज्ञानेंद्र पांडेय, सनत कुमार, अमिताभ राय, अनुज शर्मा, छोटेलाल, मुकेश सिंह, पंकज वर्मा, हरिपाल यादव, अनिल कुमार, मोनिश, मोहम्मद सिराज, मो. अनीश, वरुण, सौरभ अग्रवाल, ऋषि श्रीवास्तव, विमल वर्मा, चेतन मिश्रा समेत अन्य वार्डनों, पदाधिकारियों व स्वयंसेवकों ने मदद पहुंचाई।

गोमती का घटता जलस्तर राहत की उम्मीद जरूर जगा रहा है लेकिन प्रभावित परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती घरों से पानी निकलने और सामान्य जनजीवन बहाल होने की है। ऐसे में राहत अभियान बाढ़ पीड़ितों के लिए सहारा बना हुआ है।






