Hardoi News : आर्मी जैसी वर्दी, नाम ‘काली सरकार’, दिव्य दरबार लगाने वाले हिस्ट्रीशीटर को झांसी में दबोचा
कई सालों से फरार चल रहे हरदोई के प्रदीप शुक्ला ने बदल ली थी अपनी पहचान, बीमारियां ठीक करने का दावा कर लगाता था दिव्य दरबार, इंस्टाग्राम पर एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स, गिरफ्तारी होने के बाद ही नौ दिन दरबार बंद रहने की कर दी घोषणा

हरदोई, 12 अक्टूबर 2026:
यूपी के हरदोई जिले का हिस्ट्रीशीटर प्रदीप शुक्ला पुलिस से बचने के लिए झांसी में बाबा बनकर रहने लगा। उसने अपनी पहचान बदलकर सत्यानंद शुक्ला उर्फ ‘काली सरकार’ के नाम से दिव्य दरबार शुरू कर दिया था। कई साल से फरार सत्यानंद अब जाकर पुलिस के हत्थे चढ़ा है। बताया गया कि आर्मी जैसी वर्दी पहनकर दरबार लगाने वाले प्रदीप के पास बीमारियां ठीक कराने की उम्मीद लेकर लोग पहुंचते थे। सोशल मीडिया पर भी उसकी पहचान तेजी से बढ़ी और इंस्टाग्राम पर उसके एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए।
तीन साल से तलाश कर रही थी पुलिस
प्रदीप शुक्ला करीब तीन साल से पुलिस की पकड़ से बाहर था। रविवार को हरदोई पुलिस ने झांसी के मऊरानीपुर क्षेत्र की पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे कुंरैचा गांव स्थित काली सरकार मंदिर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, वह अदालत में पेश नहीं हो रहा था और उसकी तलाश जारी थी।
सप्ताह में चार दिन लगता था दिव्य दरबार।
पुलिस के अनुसार, झांसी पहुंचने के बाद प्रदीप ने अपनी पहचान बदलकर धार्मिक गतिविधियां शुरू कर दी थीं। वह शुक्रवार, शनिवार और रविवार को दिव्य दरबार लगाता था, जबकि बुधवार को स्थानीय लोगों के लिए दरबार आयोजित किया जाता था। यहां वह बीमारियां ठीक करने के साथ लोगों की परेशानियां दूर करने का दावा करता था।

इंस्टाग्राम पर एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स
काली सरकार के नाम से प्रदीप ने करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम पर पेज बनाया था। देखते ही देखते उसके फॉलोअर्स की संख्या एक लाख से ज्यादा हो गई। उसके दरबार में देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग पहुंचते थे। विदेश से भी उसके अनुयायी आने लगे थे।
लूट से लेकर मारपीट तक के मामले दर्ज
हरदोई के कोतवाली शहर क्षेत्र के चौहान थोक निवासी प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ वर्ष 2014 में लूट से जुड़ा मामला दर्ज होने की जानकारी है। वर्ष 2018 में मारपीट का मामला भी दर्ज हुआ था। इन दोनों मामलों में अदालत से स्थायी वारंट जारी थे। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसकी हिस्ट्रीशीट में वर्ष 1997 का मामला भी दर्ज है, जबकि वर्ष 2022 में भी उसके खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था। हिस्ट्रीशीटरों के सत्यापन के दौरान वह लगातार अनुपस्थित मिल रहा था। पुलिस उसकी पहचान का सत्यापन नहीं कर पा रही थी।
झांसी में ऐसे खुली नाटक की पोल
दरअसल झांसी में दरबार लगाने के दौरान कुछ लोगों ने उसके खिलाफ पुलिस से शिकायत की। इसमें उस पर धमकी देने का आरोप लगाया गया। मामला एसएसपी तक पहुंचा तो उसे मऊरानीपुर थाने बुलाया गया। यहां पूछताछ के दौरान उसका असली नाम और पता उजागर हुआ। इसी के बाद झांसी पुलिस ने हरदोई पुलिस से संपर्क साधा तो पहेली सुलझ गई। उधर उसके चेलों ने खेल बिगड़ता देख नवरात्र पर दरबार नौ दिन बंद रहने का बैनर भी टांग दिया।

मंदिर से गिरफ्तारी, अब कोर्ट में होगी पेशी
प्रदीप के झांसी में होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज की। रविवार को संयुक्त टीम ने कुंरैचा गांव स्थित मंदिर में कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया। कोतवाल संजय त्यागी के मुताबिक, आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






