नवरात्रि पर योगी का संदेश : नारीशक्ति के साहस को सराहा, बताया खेल से नौकरी तक कैसे आया यूपी में बदलाव
मुख्यमंत्री ने नवरात्रि की षष्ठी पर मां कात्यायनी के साहस और पराक्रम का किया उल्लेख, पारुल चौधरी, दीप्ति शर्मा, वंदना कटारिया सहित कई खिलाड़ियों की उपलब्धियों को किया रेखांकित, 'पदक लाओ पद पाओ' में सीधी भर्ती का मिल रहा अवसर

लखनऊ, 16 अक्टूबर 2026:
उत्तर प्रदेश में अब खेल के मैदान से सरकारी नौकरी तक पहुंचने का रास्ता खिलाड़ियों के लिए खुल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘पदक लाओ, पद पाओ’ योजना के तहत पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के जरिए सरकारी नौकरी दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि 2017 के बाद प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, खेल सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में बड़े बदलाव हुए हैं।
मां कात्यायनी नारीशक्ति के साहस का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की षष्ठी पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मां कात्यायनी को नारीशक्ति के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय पराक्रम का प्रतीक बताया। योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में आस्था, विकास और विरासत के साथ प्रदेश में आए बदलावों का जिक्र किया।
2017 से पहले बेटियों के सामने थीं कई चुनौतियां
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों के कार्यकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में भय और अराजकता का माहौल था। उनके मुताबिक, उस दौर में बेटियों के सपनों पर बंदिशें थीं और अवसरों की कमी के चलते प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल पाता था। खेल के मैदानों पर माफिया के कब्जे, संसाधनों की कमी और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का भी उन्होंने जिक्र किया।
गांव से खेल विश्वविद्यालय तक बढ़ा दायरा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में खेल सुविधाओं का विस्तार हुआ है। गांवों में खेल मैदानों से लेकर ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम, जिला स्तरीय स्टेडियम और मंडल स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज तक खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने के मौके मिल रहे हैं। मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय को भी उन्होंने इसी दिशा में अहम कदम बताया।
अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने पर पुरस्कार, नौकरी के अवसर
मुख्यमंत्री के मुताबिक, ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को लाखों से करोड़ों रुपये तक की पुरस्कार राशि दी जा रही है। ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत सीधी भर्ती की सुविधा भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का माध्यम है। सरकार की ओर से खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मान देने के साथ उनके भविष्य को सुरक्षित करने पर जोर दिया जा रहा है।
समस्त बाधाओं और आसुरी प्रवृत्तियों का संहार करने वाली माँ कात्यायनी नारीशक्ति के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय पराक्रम का प्रतीक हैं।
वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय और अराजकता का ऐसा माहौल था, जहां बेटियों के सपनों पर पहरे थे, उनके हौसलों पर बंदिशें थीं और उनकी प्रतिभा अवसरों के अभाव में दम तोड़ने को मजबूर थी।
खेल के मैदान माफिया के कब्जे में थे, संसाधन नदारद थे और बेटियों की उड़ान को पंख देने के बजाय, उनके सपनों को चारदीवारी में कैद कर दिया गया था।
विगत साढ़े 9 वर्षों में प्रदेश में बदलाव की नई गाथा लिखी गई है। भय का स्थान सुरक्षा ने लिया है, उपेक्षा का स्थान प्रोत्साहन ने लिया है और संसाधनों के अभाव का स्थान खेल सुविधाओं के विस्तार ने लिया है।
गांव के खेल मैदानों और ब्लॉक स्तरीय मिनी स्टेडियम से लेकर जिला स्तरीय स्टेडियम, मंडल स्तरीय स्पोर्ट्स कॉलेज तथा मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तक, बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने का सशक्त आधार मिल रहा है।
ओलंपिक, कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को लाखों-करोड़ों के पुरस्कार, ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत सीधी भर्ती जैसी सुविधाएं खिलाड़ियों की प्रतिभा को प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा प्रदान कर रही हैं।
इस परिवर्तन की गूंज अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर भी सुनाई दे रही है। एथलेटिक्स में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी, जूडो में अस्मिता डे, क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी में वंदना कटारिया, कुश्ती में दिव्या काकरान ने कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स में अपने शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
जय माँ कात्यायनी।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 16, 2026
महिला खिलाड़ियों ने बढ़ाया यूपी का गौरव
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाली प्रदेश की महिला खिलाड़ियों का भी उल्लेख किया। एथलेटिक्स में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी, जूडो में अस्मिता डे, क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी में वंदना कटारिया तथा कुश्ती में दिव्या काकरान ने कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में प्रदर्शन के जरिए देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है।






