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UP politics : नई पार्टी के साथ सियासत में दिव्या मित्तल की एंट्री, तीन वादों के सहारे 2027 तैयार करेंगी चुनावी जमीन

पूर्व IAS अधिकारी ने बनाई पार्टी, नाम रखा 'जन नीति भारत', जनता की जरूरतों के हिसाब से नीतियां बनाने का वादा, स्थापित राजनीतिक दलों जैसी आर्थिक ताकत नहीं, घर-घर पहुंचकर समर्थन जुटाने की रणनीति

लखनऊ, 16 अक्टूबर 2026:

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपनी नई पार्टी ‘जन नीति भारत’ के साथ चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान किया है। करीब एक महीने पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर राजनीति में आने का फैसला करने वाली दिव्या मित्तल ने पार्टी के जरिए जनता की जरूरतों को प्राथमिकता देने का दावा किया है। उन्होंने तीन प्रमुख वादों के जरिए अपनी राजनीतिक सोच सामने रखी है, जिसमें नीतियां बनाने में लोगों की भागीदारी, सरकारी संसाधनों का जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल और बुनियादी सुविधाओं के कामकाज की निगरानी शामिल है।

जनता की जरूरतों से तय होंगी नीतियां

दिव्या मित्तल का कहना है कि जन नीति भारत में नीतियां बनाने का आधार जनता की जरूरतें होंगी। लोग अपनी समस्याएं बताएंगे, जबकि विशेषज्ञ उन जरूरतों को पूरा करने के तरीके सुझाएंगे। उनका तर्क है कि गांवों में स्कूल, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, जबकि औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी देने में तेजी दिखाई जाती है।

आम लोगों की जरूरतें पूरी करने में अनावश्यक देरी न हो

उन्होंने एक गांव में स्कूल खोलने की मांग का उदाहरण देते हुए बताया कि बाद में संबंधित जमीन वन क्षेत्र में होने की जानकारी सामने आई। उनके मुताबिक, ऐसी समस्याओं का समाधान इस तरह होना चाहिए कि आम लोगों की जरूरतें पूरी करने में अनावश्यक देरी न हो। किसानों से जुड़ी नीतियां किसानों की भागीदारी से बनें, जबकि छोटे कारोबारियों की समस्याओं को ध्यान में रखकर उनके लिए फैसले लिए जाएं।

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शिकायतों के आधार पर तय होंगी सुरक्षा की प्राथमिकताएं

पार्टी का दूसरा प्रमुख वादा सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल वास्तविक जरूरत के आधार पर करने का है। दिव्या मित्तल ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक मोबाइल ऐप का प्रस्ताव रखा है, जिसके जरिए महिलाएं असुरक्षित जगहों की जानकारी दे सकेंगी। उनका प्रस्ताव है कि किसी स्थान से 100 शिकायतें मिलने पर वहां स्ट्रीट लाइट लगाने, पुलिस गश्त बढ़ाने और CCTV कैमरे लगाने को प्राथमिकता दी जाए। इस व्यवस्था का मकसद महिलाओं की सुरक्षा के लिए किसी घटना का इंतजार करने के बजाय पहले से जरूरी इंतजाम करना है।

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सड़क, अस्पताल और स्कूल के कामकाज पर रहेगी नजर

जन नीति भारत के तीसरे वादे में सरकारी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बताने के लिए रंग आधारित व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव है। इसके तहत हरा रंग संतोषजनक कामकाज, पीला रंग अधूरे काम और लाल रंग खराब प्रदर्शन का संकेत देगा। इस व्यवस्था के जरिए सड़क, अस्पताल और स्कूल जैसी सुविधाओं की स्थिति को आसानी से समझने का दावा किया गया है। इससे लोगों को पता चल सकेगा कि कहां काम ठीक हो रहा है, कहां काम अधूरा है और किन जगहों पर सुधार की जरूरत है। साथ ही, अधिकारियों के कामकाज की निगरानी करने में भी मदद मिलने की उम्मीद जताई गई है।

आर्थिक ताकत की कमी, घर-घर पहुंचने की तैयारी

दिव्या मित्तल ने जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि चुनाव के समय जनता के फैसले को अहमियत दी जाती है, लेकिन बाकी समय लोगों की राय को उतना महत्व नहीं मिलता। उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी पार्टी के पास स्थापित राजनीतिक दलों जैसी आर्थिक ताकत और बड़े स्तर पर विज्ञापन करने के साधन नहीं हैं। ऐसे में पार्टी घर-घर जाकर लोगों तक पहुंचने की रणनीति अपनाएगी। हालांकि, उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में नई पार्टी के सामने अपना संगठन खड़ा करना, कार्यकर्ताओं को जोड़ना और अलग-अलग क्षेत्रों में जनाधार बनाना बड़ी चुनौती होगी।

यूपी की राजनीति में संगठन और जनाधार की चुनौती

राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि उत्तर प्रदेश में पहले भी कई नेताओं ने अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाने के लिए नई पार्टियां गठित कीं, लेकिन सभी को चुनावी राजनीति में उम्मीद के मुताबिक विस्तार नहीं मिल सका। दिव्या मित्तल के सामने भी पार्टी के विचारों को जनता तक पहुंचाने के साथ मजबूत संगठन खड़ा करने की चुनौती रहेगी। उनकी नई पार्टी का राजनीतिक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि वह अपने तीन प्रमुख वादों को लेकर लोगों के बीच कितनी पहुंच बनाकर 2027 के विधानसभा चुनाव में कितना समर्थन जुटा पातीं हैं।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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