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UP Politics: राजनाथ का कांग्रेस पर वार, बोले- नौजवानों को मोहरा बनाना बंद करे, लोकतंत्र अराजकता फैलाने का लाइसेंस नहीं

लखनऊ में BJP प्रदेश मुख्यालय पर रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी को घेरा, बांग्लादेश की तर्ज पर Regime Change की कोशिश का आरोप, चुनाव आयोग के पुराने विवादों का जिक्र कर कांग्रेस के रवैये पर उठाए सवाल, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सियासी ताकत पर भी साधा निशाना

लखनऊ, 16 अक्टूबर 2026:

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में BJP प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दिल्ली में हाल के घटनाक्रमों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके राजनीतिक सहयोगी युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों और राष्ट्र निर्माण में लगाने के बजाय उन्हें राजनीतिक टकराव और अराजकता का माध्यम बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

सिर्फ एक एजेंडा- देश मे आग लगाने का

राजनाथ सिंह ने कहा, ‘देश के नौजवानों को अराजकता की राजनीति का मोहरा बनाने की कोशिश की जा रही है।’ उन्होंने कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा घटनाक्रम कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं। ‘बांग्लादेश की तर्ज पर Regime Change कराना चाहते हैं’। रक्षा मंत्री ने कांग्रेस के राजनीतिक रुख पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उसके नेताओं की मंशा बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन कराने की है। उन्होंने कहा कि एक नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलकर कहता है कि उसने Regime Change के लिए बांग्लादेश से प्रेरणा ली है, जबकि दूसरा डंके की चोट पर सरकार को गिराने की बात करता है। राजनाथ सिंह ने कहा कि यह स्पष्ट करता है कि इनका एकमात्र एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त करना और देश में आग लगाना है।

उन्होंने कहा कि Regime Change जैसे शब्दों के प्रयोग से स्पष्ट हो जाता है कि उनकी लड़ाई चुनाव सुधार के लिए नहीं, SIR के लिए नहीं, ज्ञानेश कुमार के लिए नहीं, देश के नौजवानों के उज्ज्वल भविष्य के लिए नहीं है। बल्कि देश में Anarchy पैदा करके सत्ता हासिल करने की उनकी यह साजिश है।

लोकतंत्र को अराजकता फैलाने का लाइसेंस न समझें राहुल गांधी

राजनाथ सिंह ने कहा कि जब राजनीतिक स्वार्थ को सत्य और राष्ट्रहित से ऊपर रखा जाता है, तो लोकतांत्रिक विमर्श तथ्यों और तर्कों की बजाय दुराग्रहों और दुष्प्रचार का शिकार हो जाता है। उन्होंने राहुल गांधी और उनके साथियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें यह समझना होगा कि लोकतंत्र, अराजकता फैलाने, संवैधानिक संस्थाओं पर चोट करने या भारत की विकास यात्रा में बाधा डालने का लाइसेंस नहीं है। रक्षा मंत्री ने सर्वोच्च न्यायालय की एक दिन पहले की गई टिप्पणी का भी जिक्र किया और कहा कि वह भी इसी ओर एक संकेत है।

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1993 में चुनाव आयोग में बदलाव का उठाया मुद्दा

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर कांग्रेस की ओर से उठाए जाने वाले सवालों के जवाब में राजनाथ सिंह ने पार्टी के पुराने कार्यकाल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 1993 में कांग्रेस सरकार ने चुनाव आयोग में अचानक बदलाव कर दिया था। रातों-रात चुनाव आयोग में दो नए इलेक्शन कमिश्नर नियुक्त किए गए। रक्षा मंत्री ने तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालस्वामी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर चुनाव आयुक्त नवीन चावला को पद से हटाने की सिफारिश की थी। उनके मुताबिक, गोपालस्वामी ने आरोप लगाया था कि नवीन चावला ने चुनाव आयोग की संवेदनशील जानकारी कांग्रेस नेताओं के साथ साझा की थी।

कांग्रेस के इतिहास में भरे हैं काले पन्ने, हाइड्रोजन बम पटाखा भी नहीं निकला

राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने न केवल नवीन चावला को बचाने का काम किया, बल्कि उन्हें चीफ इलेक्शन कमिश्नर भी बनाया, क्योंकि वह नेहरू गांधी परिवार के करीबी थे। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस के इतिहास के पन्नों को पलटकर देखिए, कई काले अध्याय आपको मिलेंगे।’ राजनाथ सिंह ने चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाले राहुल गांधी से कांग्रेस के पुराने फैसलों का भी हिसाब मांगा। राहुल गांधी का तथाकथित ‘हाइड्रोजन बम’ दीवाली का पटाखा भी साबित नहीं हुआ था।

राजीव गांधी की हत्या के बाद चुनाव स्थगित करने का भी जिक्र

रक्षा मंत्री ने कांग्रेस के कार्यकाल में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी ने चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया को किस प्रकार अपनी कठपुतली बनाकर रखा था, इसके कई उदाहरण हैं। उन्होंने राजीव गांधी की हत्या के बाद चुनाव स्थगित किए जाने का भी जिक्र किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने राजीव गांधी की सीट के बजाय पूरे देश के चुनाव स्थगित कर सवाल खड़े किए थे। इस संदर्भ में उन्होंने कांग्रेस के पुराने रुख को वर्तमान में चुनाव आयोग पर उठाए जा रहे सवालों से जोड़ते हुए पार्टी पर निशाना साधा।
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कांग्रेस ने गांधी नाम के इस्तेमाल का नैतिक अधिकार खोया

राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर हिंसा और अराजकता की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज जिस आग में कांग्रेस देश को झोंकना चाहती है और बांग्लादेश जैसी स्थिति का निर्माण करने का स्वप्न देख रही है, उसके आधार पर वह कह सकते हैं कि अब गांधी नाम प्रयोग करने का सारा नैतिक अधिकार कांग्रेस ने पूरी तरह खो दिया है। दिल्ली में जो कुछ भी हो रहा है, वह संवैधानिक व्यवस्था से नहीं, बल्कि अराजकता से भारत को प्रगति की पटरी से उतारने का प्रयास है।

यूपी कांग्रेस में खींचतान पर साधा निशाना, राहुल से पूछा रायबरेली जीतने के सामर्थ्य पर सवाल

उन्होंने कांग्रेस की उत्तर प्रदेश में राजनीतिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस 37 साल से सत्ता से बाहर है। उन्होंने सवाल किया, ‘ये वोट चोरी की वजह से है या काम चोरी की वजह से! देश की जनता ये भलीभांति जानती है। राहुल गांधी समाजवादी पार्टी के बिना अपनी रायबरेली की सीट भी जीतने का सामर्थ्य नहीं रखते हैं। कांग्रेस का यह दावा कि जनता को उसकी बात पर भरोसा है, ये कितना खोखला है, उसका प्रमाण उत्तर प्रदेश ही दे रहा है। राजनाथ सिंह ने कांग्रेस की प्रदेश इकाई के नेताओं के बीच आपसी मतभेदों का जिक्र करते हुए कहा कि यहां कांग्रेस के नेता एक-दूसरे का विरोध करते हुए केवल verbal ही नहीं, बल्कि physical स्तर पर भी लड़ते दिखाई देते हैं। ऐसे में जनता के भरोसे की बात नहीं करनी चाहिए। रक्षा मंत्री ने कांग्रेस नेताओं से सवाल किया कि क्या इसके लिए भी भाजपा जिम्मेदार है?

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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