UP Politics : राजनाथ की प्रेस कांफ्रेंस पर अखिलेश का तंज, बोले- ‘लखनऊ-एक्सप्रेस’ का इंजन फेल, दिल्ली ने कमान बदलने का मन बनाया?
अखिलेश यादव ने प्रेस कांफ्रेंस को बताया दिखावा, कहा- ये लखनऊ के इंजन को खटारा साबित करने की कोशिश, रक्षामंत्री ने कहा था सपा के समर्थन के बिना रायबरेली सीट जीतना राहुल गांधी के लिए मुश्किल

लखनऊ, 16 अक्टूबर 2026:
उत्तर प्रदेश की राजनीति में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तंज कसते हुए दावा किया कि लखनऊ की कमान किसी दूसरे को सौंपने का फैसला दिल्ली में हो चुका है। अखिलेश ने इसे बीजेपी के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान से जोड़ते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस को दिखावा बताया।
लखनऊ वालों की रक्षा कौन करेगा
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि सत्ताधारियों की ओर से बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस हो रही है। लगता है कि ‘लखनऊ-एक्सप्रेस’ का इंजन फेल हो गया है, इसलिए दिल्ली के इंजन ने लखनऊ की कमान किसी और को सौंपने का अंदरूनी फैसला कर लिया है। उन्होंने आगे कहा कि ये प्रेस कांफ्रेंस तो एक दिखावा है। असली खेल लखनऊ के इंजन को खटारा साबित करके स्थायी रूप से हटाने का है। अखिलेश ने सवाल उठाया कि ऐसे में लखनऊ वालों की रक्षा कौन करेगा।
बता दें कि शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर प्रेस वार्ता की थी। उन्होंने इस दौरान विपक्ष पर बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन यानी रेजीम चेंज की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग खुले तौर पर बांग्लादेश से प्रेरणा लेने की बात कर रहे हैं, जबकि कुछ दूसरे सरकार गिराने की बात करते हैं। रक्षामंत्री ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश बताया।
सुना है सत्ताधारियों की तरफ़ से कोई बड़ी प्रेस-कांफ्रेंस हो रही है।
लगता है ‘लखनऊ-एक्सप्रेस’ का इंजन फ़ेल हो गया है, तभी दिल्ली के इंजन ने लखनऊ की कमान किसी और को थमाने का अंदरूनी फ़ैसला कर लिया है।
ये प्रेस कॉन्फ़्रेंस तो बस दिखावटी है, असली खेल तो लखनऊ के इंजन को खटारा साबित करके उसे पर्मानेंट हटाने का है। अब लखनऊवालों की रक्षा कौन करेगा?
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 16, 2026
राहुल और सहयोगियों को दी नसीहत
उन्होंने राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को नसीहत देते हुए कहा कि लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं की साख पर चोट करने या देश के विकास में बाधा डालने की छूट नहीं है। राजनाथ ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून का सम्मान करने पर भी जोर दिया। उन्होंने राहुल से सवाल भी पूछा कि क्या वो सपा की मदद के बिना अपनी रायबरेली सीट जीतने का सामर्थ्य रखते हैं।






