हरकी पैड़ी पहुंचे श्रद्धालु हुए मायूस, 18 दिन बंद रहेगी गंगनहर, यूपी-एनसीआर पर पड़ेगा असर
धर्मनगरी में ऊपरी गंगनहर में सफाई व मरम्मत के लिए जल प्रवाह को रोका गया, सात नवंबर की मध्यरात्रि को दोबारा शुरू होगी आपूर्ति, लोगों से स्नान के लिए न आने की अपील

राजकिशोर तिवारी
हरिद्वार, 21 अक्टूबर 2026ः
उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था के सबसे बड़े केंद्र हरकी पैड़ी पर बुधवार सुबह गंगा की धारा न दिखने पर देशभर से पहुंचे श्रद्धालु मायूस हो गए। श्रद्धालु गंगा स्नान, अस्थि विसर्जन और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहुंचे थे। ऊपरी गंगनहर में सफाई और मरम्मत के लिए मंगलवार देर रात से जल प्रवाह बंद कर दिया गया है। यह बंदी 18 दिनों तक चलेगी। गंगनहर में पानी की आपूर्ति सात नवंबर की मध्यरात्रि को दोबारा शुरू होगी। ऐसे में आठ नवंबर की सुबह हरकी पैड़ी सहित अन्य घाटों पर गंगा का प्रवाह सामान्य होने की उम्मीद है। तब तक श्रद्धालुओं को स्नान के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
श्रद्धालुओं के स्नान के लिए 200 क्यूसेक पानी का प्रावधान
गंगनहर बंदी के दौरान भी हरकी पैड़ी पर श्रद्धालुओं के स्नान के लिए 200 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसके बावजूद बुधवार सुबह घाट पर पर्याप्त पानी नहीं दिखा। इससे जल प्रवाह बनाए रखने की व्यवस्था पर सवाल उठे। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि हरकी पैड़ी और आसपास के घाटों पर जल प्रवाह सुचारू रखने के लिए समतलीकरण के कार्य किए जाने हैं। जरूरत पड़ने पर जल उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार शाम की गंगा आरती से पहले पानी छोड़ने की व्यवस्था करने का प्रयास किया जाएगा।
श्रद्धालुओं से दीपावली तक हरिद्वार न आने की अपील
अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने देशभर के श्रद्धालुओं से दीपावली तक हरिद्वार में गंगा स्नान का कार्यक्रम स्थगित रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बहुत जरूरी होने पर ही श्रद्धालु स्नान के लिए हरिद्वार आएं। गंगनहर बंदी के दौरान सिल्ट हटाने, नहर की सफाई, पुलों और सिंचाई नालों की मरम्मत सहित अन्य जरूरी कार्य किए जाएंगे।
कुंभ की तैयारियों को भी मिलेगी गति
गंगनहर बंदी के दौरान हरिद्वार में आगामी कुंभ मेले से संबंधित निर्माण कार्य भी किए जाएंगे। मेला प्रशासन नए घाटों और पुलों के निर्माण सहित जरूरी कार्यों को पूरा करने की दिशा में काम करेगा। वहीं, गंगनहर बंद होने से उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के गंगाजल पर निर्भर क्षेत्रों में सिंचाई और पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में अगले 18 दिन हरिद्वार के श्रद्धालुओं के साथ-साथ नहर पर निर्भर क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण रहेंगे।
कई क्षेत्रों में सिंचाई व पेयजल आपूर्ति होगी प्रभावित
ऊपरी गंगनहर बंद होने से यूपी और दिल्ली-एनसीआर के कई क्षेत्रों में सिंचाई और पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। मेरठ, मोदीनगर, गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली के कुछ हिस्सों सहित गंगनहर पर निर्भर इलाकों में पानी की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है। बंदी के दौरान सिंचाई के लिए किसानों और पेयजल आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्थाओं को वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ सकता है।






