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ब्रज रज उत्सव में सजेगी संस्कृति और भक्ति की महफिल, हेमा मालिनी की ‘गंगा’ बनेगी खास आकर्षण

दो नवंबर तक मथुरा में चलेगा ब्रज रज उत्सव 2026, रासलीला, नृत्य-नाटक और लोक प्रस्तुतियों से जीवंत होगी ब्रज की विरासत, शिल्प मेला, पारंपरिक व्यंजन और स्थानीय उत्पाद भी खींचेंगे लोगों का ध्यान

लखनऊ/मथुरा, 23 अक्टूबर 2026:

कान्हा की नगरी मथुरा में ब्रज की संस्कृति, भक्ति और लोक परंपराओं का रंग बिखरने जा रहा है। ब्रज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘ब्रज रज उत्सव 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। ‘संस्कृति, भक्ति, कला और ब्रज की पहचान’ थीम पर आधारित यह उत्सव दो नवंबर तक चलेगा। शनिवार को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी और सांसद हेमा मालिनी उत्सव का औपचारिक उद्घाटन करेंगी। उत्सव में नृत्य, नाटक, रासलीला और लोक कलाओं के जरिए ब्रज की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को जीवंत किया जाएगा।

ब्रज रज उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम दर्शकों को ब्रज की भक्ति परंपरा और भारतीय कला की विविधता से रूबरू कराएंगे। वृंदावन के स्वामी हरिदास जी प्रेक्षागृह में सांसद हेमा मालिनी की नृत्य नाटिका ‘गंगा’ के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आगाज होगा। वहीं, सौरभ राज जैन अपने नाटक ‘मेरे कृष्ण’ के माध्यम से दर्शकों के सामने भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी भावनाओं और प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत करेंगे।

इसके अलावा गीता शोध संस्थान और रासलीला अकादमी, वृंदावन की ओर से पारंपरिक रासलीला का आयोजन किया जाएगा। शिवानी मिश्रा की ‘कलर्स ऑफ यूपी’ प्रस्तुति भी उत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से ब्रज की सांस्कृतिक परंपराओं और कलात्मक अभिव्यक्तियों को व्यापक मंच मिलेगा।

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स्थानीय कलाकारों और नई पीढ़ी को मिलेगा मौका

उत्सव की खास बात यह है कि इसमें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके कलाकारों के साथ स्थानीय लोक कलाकारों और स्कूली छात्र-छात्राओं को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। इससे ब्रज के लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य और स्थानीय कला रूपों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। इसके साथ युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

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शिल्प मेले से पारंपरिक उत्पादों को मिलेगी पहचान

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा शिल्प मेला, फूड कोर्ट, झूले और जॉय राइड्स भी उत्सव में लोगों के आकर्षण का केंद्र होंगे। स्वयं सहायता समूहों, खादी ग्रामोद्योग और प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) तथा ‘एक जनपद, एक व्यंजन’ (ओडीओसी) योजनाओं के विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे।

इन स्टॉलों पर स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों और क्षेत्रीय व्यंजनों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार एवं विपणन के लिए मंच उपलब्ध होगा। ब्रज रज उत्सव सांस्कृतिक आयोजनों के साथ ब्रज की लोक विरासत, पारंपरिक शिल्प और क्षेत्रीय व्यंजनों को बढ़ावा देने का माध्यम भी बनेगा।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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