Student Politics : UP में संगठन विस्तार की तैयारी में आइसा, 22 जिलों में नई समितियां बनेंगी
लखनऊ में राज्य परिषद की बैठक में सांगठनिक मजबूती और छात्र आंदोलनों की समीक्षा, नागपुर में 28 से 30 नवंबर तक होने वाले 11वें राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों में जुटेगा संगठन
लखनऊ, 25 अक्टूबर 2026:
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) उत्तर प्रदेश में अपने संगठन का विस्तार करने और छात्र आंदोलनों को नई धार देने की तैयारी में है। लखनऊ में आयोजित संगठन की राज्य परिषद की बैठक में 22 जिलों में नई संयोजन समितियां गठित करने और 11 जिलों में जिला सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में छात्र आंदोलनों की समीक्षा के साथ 28 से 30 नवंबर तक नागपुर में होने वाले आइसा के 11वें राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों को तेज करने पर जोर दिया गया।
संगठन के विस्तार की योजना के तहत सुल्तानपुर, सीतापुर, आगरा, मऊ, अयोध्या, गोंडा, जौनपुर, अंबेडकर नगर, चंदौली, गाजीपुर, बलिया, मिर्जापुर, सोनभद्र, कौशांबी, रामपुर, अमेठी, शाहजहांपुर, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, मुरादाबाद और कन्नौज में नई संयोजन समितियां गठित की जाएंगी। वहीं, कानपुर, रायबरेली, लखीमपुर, प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, महराजगंज, बस्ती, आजमगढ़, अलीगढ़ और गोरखपुर में जिला सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
छात्र आंदोलनों से संगठन मजबूत करने पर जोर
बैठक में देशभर में छात्र-युवा आंदोलनों में आइसा की भूमिका और भागीदारी का आकलन किया गया। यूजीसी विनियमों के समर्थन में चल रहे आंदोलन, परीक्षाओं में अनियमितताओं और नीट पेपर लीक के खिलाफ संघर्ष तथा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम काटे जाने के विरोध में हुए प्रदर्शनों पर चर्चा हुई।
बैठक में कहा गया कि शिक्षा में समान अवसर, सामाजिक न्याय, संस्थागत जवाबदेही और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवालों पर चल रहे संघर्षों को स्थायी सांगठनिक मजबूती में बदलना जरूरी है। इसके लिए नए छात्र नेतृत्व को तैयार करने, जिला स्तर पर संगठन मजबूत करने और शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए बनेगी साझा रणनीति
आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा की भूमिका के साथ आंदोलनों में शामिल कार्यकर्ताओं और सामूहिक नेतृत्व के योगदान को भी रेखांकित किया गया। राष्ट्रीय सचिव प्रसेनजीत ने आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन के राजनीतिक महत्व पर चर्चा करते हुए हालिया संघर्षों की समीक्षा, संगठन की वैचारिक बुनियाद मजबूत करने और भविष्य के आंदोलनों की दिशा तय करने की जरूरत बताई।

आइसा उत्तर प्रदेश के राज्य अध्यक्ष मनीष कुमार ने छात्रों की बढ़ती भागीदारी को मजबूत सांगठनिक ढांचे में बदलने पर जोर दिया। बैठक में शिक्षा के निजीकरण और व्यापारीकरण, बढ़ती फीस, छात्रवृत्ति की समस्याओं, बेरोजगारी तथा शैक्षणिक संस्थानों में लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर छात्र लामबंदी तेज करने का संकल्प लिया गया।
राज्य परिषद के मुताबिक संगठन का लक्ष्य केवल सदस्य संख्या और भौगोलिक विस्तार बढ़ाना नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से जागरूक छात्रों, सामूहिक नेतृत्व और निरंतर संघर्ष करने में सक्षम सांगठनिक ढांचे का निर्माण करना है। नागपुर सम्मेलन में इन अनुभवों की समीक्षा कर भविष्य की राजनीतिक एवं सांगठनिक प्राथमिकताएं तय की जाएंगी।






