Uttar Pradesh

मेरठ में गूंजीं थालियां और चम्मच, किसानों ने उठाई जनहित की आवाज

अनमोल शर्मा

  • गन्ना मूल्य ₹500 प्रति कुंतल तय करने और बकाया भुगतान ब्याज सहित दिलाने की मांग

मेरठ,21 अप्रैल 2025:

किसानों की आवाज अब और अनसुनी नहीं रहेगी—इसी संदेश के साथ सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (इंडिया) ने सोमवार को मेरठ के कमिश्नरी चौराहे पर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। किसानों, मजदूरों, महिला कार्यकर्ताओं और संगठन पदाधिकारियों ने थाली-चम्मच बजाकर केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान महामहिम राष्ट्रपति को 11 सूत्रीय ज्ञापन भेजा गया, जिसमें किसानों और आम जनता की प्रमुख समस्याओं पर त्वरित संज्ञान लेने की अपील की गई।

एम एस स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पहलवान मुनेन्द्र गुर्जर ने बताया कि ज्ञापन में एम.एस. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी गारंटी देने, किसानों का कर्ज माफ करने और गन्ने का समर्थन मूल्य ₹500 प्रति कुंतल तय करने जैसी मांगें प्रमुख हैं। इसके अलावा अग्निवीर योजना की वापसी, बिजली निजीकरण और प्रीपेड मीटरों का विरोध, टोल-रोड टैक्स में दोहराव खत्म करने, सरकारी स्कूलों-अस्पतालों की स्थिति सुधारने और वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पर पुनर्विचार जैसी मांगें भी शामिल हैं।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो 25 जून को मेरठ कमिश्नरी पर महापंचायत कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने की अगुवाई, जमकर हुई नारेबाजी, तैनात रही पुलिस

सेवा सुरक्षा की बहाली की मांग को लेकर उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सोहन लाल वर्मा ने आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसी के तहत रविवार शाम से ही संगठन ने ईको गार्डन धरना स्थल पर आन्दोलन की होर्डिंग और बैनर लगवा दिए थे। सोमवार को सुबह ही यहां हजारों की संख्या में शिक्षक एकजुट हुए। सुरक्षा के लिए पुलिस भी मोर्चा संभाले रही क्योंकि संगठन ने विधानसभा कूच करने की घोषणा भी कर रखी थी। फिलहाल सभा शुरू हुई तो नारेबाजी कर अपनी मांग रखी।

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