Uttar Pradesh

सीनियर सिटीजन को सौंपा डे केयर सेंटर…सीएम बोले, बदलते गोरखपुर में नागरिक भी समझें दायित्व

गोरखपुर, 12 मई 2025:

सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में 14.22 करोड़ की लागत से तैयार हुए नगरीय सेवा केंद्र एवं सीनियर सिटीजन डे-केयर सेंटर का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि बदल रहे गोरखपुर में जनता जनार्दन भी अपने दायित्वों को समझें और उसका पालन करें।

नगरीय सेवा केंद्र का भी किया लोकार्पण, एक छत के नीचे मिलेगी नगर निगम की सेवाएं

सीएम ने कहा कि नगरीय सेवा केंद्र से गोरखपुर नगर निगम से संबंधित जितनी भी सेवाएं हैं उनका लाभ मिलेगा। इसके लिए अब नगर निगम कार्यालय में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, नवनिर्मित नगरीय सेवा केंद्र द्वारा 16 वार्ड्स को सभी प्रकार की सुविधाएं, एक ही छत के नीचे प्राप्त होंगी। साथ ही, बुजुर्गों को सीनियर सिटीजन डे-केयर सेंटर के माध्यम से बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी। वे लोग दिनभर यहां बैठ सकते हैं। योग से लेकर लाइब्रेरी का लाभ मिलेगा। खाली समय में किताबों के बीच वो अपना समय व्यतीत कर सकेंगे।

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बदलाव तभी प्रभावी जब आम जनमानस उसे जन आंदोलन बनाये

देश के विकास में हम भी अपना योगदान दे सकें, हम सभी के मन में यह पवित्र भाव होना चाहिए। बीते आठ साल से पीएम के नेतृत्व में नगरीकरण का कार्य तेजी से हो रहा है। कोई भी बदलाव तभी प्रभावी होता है जब आम जनमानस उसे जन आंदोलन के रूप में लेता है।

पांच करोड़ लोग सुविधाओं के लिए गोरखपुर पर आश्रित

आज हमारा गोरखपुर बदल रहा है, इस बदलाव में आम जनमानस को भी जोड़ना पड़ेगा। आज प्रदेश के 14-15 बड़े महानगरों में गोरखपुर की गिनती आती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुल पांच करोड़ लोग अपनी शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, रोजगार के लिए गोरखपुर पर आश्रित हैं। यहां सिंगल लेन की जगह फोर व सिक्स लेन की सड़कें हैं। हवाई अड्डे से 14 फ्लाइटें चल रही हैं। रामगढ़ ताल पर्यटन स्थल है। वार्डों में कार्यक्रम करने के लिए उत्सव भवन हैं।

नागरिक के रूप में अपने दायित्व को समझें

हम स्वच्छता अभियान चलाएं और लोग कूड़ा सड़कों पर फेंके ये ठीक नहीं। हमे भी अपने दायित्व समझने होंगे। वेंडिंग जोन में दुकाने लगाएं आपका रोजगार चलता रहे और यातायात भी प्रभावित न हो। स्ट्रीट लाइट रात्रि को जलती हुई दिखाई देनी चाहिए, लेकिन दिन में जब सूरज की रोशनी हो तब स्ट्रीट लाइट बंद रहे। या तो नगर निगम करे, या तो लोकल पार्षद करे, नहीं तो नागरिक के रूप में हमारा भी दायित्व है कि अनावश्यक बिजली नहीं खर्च होनी चाहिए।

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