लखनऊ में साइबर ठगी : रिटायर्ड आईएएस अफसर ने दो दिन ‘डिजिटल अरेस्ट’ में फंसकर गंवाए 12 लाख

लखनऊ, 9 सितंबर 2025:
यूपी की राजधानी लखनऊ में साइबर जालसाजों ने एक बार फिर हाई-प्रोफाइल ठगी को अंजाम दिया। गोमतीनगर कॉलोनी के विरामखंड-एक में रहने वाले केंद्रीय मंत्रालय से संयुक्त निदेशक पद से सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी कृपा शंकर गौतम को जालसाजों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर दो दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा और उनसे 12 लाख रुपये हड़प लिए।
पीड़ित से पहले फोन कंपनी का कर्मचारी बनकर संपर्क किया और फिर वीडियो कॉल के जरिए पुलिस की वर्दी में ठगों ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले का आरोपी बताकर डराया। जालसाजों ने बार-बार वीडियो कॉल पर निगरानी रखते हुए उन्हें बैंक जाने और खातों से पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया।
ठगी का अहसास होने पर कृपा शंकर ने साइबर थाने में तहरीर दी। इंस्पेक्टर ब्रजेश यादव के अनुसार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने लोगों को सतर्क करते हुए कहा है कि किसी भी एजेंसी द्वारा फोन, मैसेज या वीडियो कॉल पर वारंट जारी नहीं किया जाता और न ही किसी को डिजिटल अरेस्ट किया जा सकता है। ऐसे कॉल मिलने पर तुरंत नजदीकी थाने या साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।
साइबर ठगी की यहां करें शिकायत
-साइबर क्राइम थाना
-लोकल पुलिस स्टेशन
-टोल फ्री नंबर 1930
-वेबसाइट: www.cybercrime.gov.in






