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एकता यात्रा में पैदल चले सीएम, कहा…स्कूलों में अनिवार्य होगा ‘वंदे मातरम्’ का गायन, देश में नए जिन्ना की कोई जगह नहीं

गोरखपुर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित ‘एकता यात्रा’ में सीएम उनका चित्र हाथों में लेकर पैदल चले, मोहम्मद अली जिन्ना व मोहम्मद अली जौहर का उल्लेख कर दिया बड़ा बयान

गोरखपुर, 10 नवंबर 2025:

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में आयोजित भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह-अभियान के तहत ‘एकता यात्रा’ में हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का विरोध करते हैं, वे सीधे तौर पर भारत की एकता व अखंडता का अपमान कर रहे हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि देश में कभी भी नया जिन्ना उभरे और अगर कोई भारत की अखंडता को चुनौती देने की हिम्मत करता है, तो हमें ऐसी विभाजनकारी मंशा को जड़ से पहले ही दफना देना चाहिए।

सीएम द्वारा एकता यात्रा में हिस्सा लेने पर हर वर्ग के लोगों में जोश दिखाई पड़ा। हजारों की संख्या में लोग यात्रा में शामिल हुए वहीं सड़क के दोनों किनारों पर खड़ें छात्रों व अन्य लोगों ने उनका अभिवादन किया।इस दौरान सभा में सीएम कहा कि भारत की वर्तमान पीढ़ी लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को उचित सम्मान दे सके, यह भावना पहली बार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में फलीभूत हुई। उन्हीं के कार्यकाल में 31 अक्टूबर को अखिल भारतीय स्तर पर सरदार पटेल जयंती मनाने का निर्णय लिया गया था। बाद में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने नर्मदा नदी पर बने सबसे बड़े बांध का नाम ‘सरदार सरोवर’ रखा। आज वही स्थल स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित भारत की एकता और शक्ति का प्रतीक पर्यटन केंद्र बन चुका है।

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CM Walks in Unity March Says Vande Mataram

आजादी के आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ऐसा गीत था, जिसने हर क्रांतिकारी के हृदय में राष्ट्रभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित की। अब निर्णय लिया गया है कि उत्तर प्रदेश के हर विद्यालय और शिक्षण संस्थान में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन अनिवार्य होगा, ताकि नई पीढ़ी को भी वही प्रेरणा और एकता का संस्कार मिल सके। कांग्रेस ने कभी उस गीत को सांप्रदायिक कहकर कमजोर करने का प्रयास किया, जिसने भारत को आजाद करवाया। लेकिन अब समय है कि ‘वंदे मातरम्’ को फिर से वह सम्मान मिले, जो इसे आजादी की लड़ाई में मिला था।

सीएम ने कहा कि अगर भारत में कोई फिर से नया जिन्ना बनने का दुस्साहस करता है, तो उसे भारत की अखंडता को चुनौती देने से पहले ही राजनीतिक और वैचारिक रूप से दफन कर दिया जाएगा। देश के विभाजन का दर्द आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है और यह कांग्रेस की तुष्टीकरण नीति का नतीजा था जिसने 1947 में भारत को बांट दिया। उन्होंने कहा अगर हमारी कोई भी आस्था या मत राष्ट्रीय एकता में बाधा डालता है, तो हमें उस आस्था को एक ओर रखना होगा। भारत की एकता और अखंडता सर्वोपरि है।

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