Lucknow City

​’निवेश कराओ और भाग जाओ’: 50 हजारी इनामी प्रियंका सिंह अरेस्ट, 18 केसों में वांटेड थी ‘ठग क्वीन’

पीजीआई के सौभाग्यम अपार्टमेंट में छिपी थी जालसाज, यूपी STF ने दबोचा, ललितपुर से लेकर लखनऊ तक दर्ज हैं केस, कंपनी का एक डायरेक्टर पहले हो चुका गिरफ्तार

लखनऊ, 12 नवंबर 2025:

इंवेस्टमेंट के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी कर फरार चल रही ‘हाई-प्रोफाइल’ जालसाज प्रियंका सिंह को आखिरकार यूपी एसटीएफ ने बुधवार को लखनऊ के पीजीआई सौभाग्यम अपार्टमेंट से धर दबोचा। यह गिरफ्तारी इनामी अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हुई।

​प्रियंका सिंह पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ ललितपुर थाने में 2019 में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था। प्रियंका ने 2011 में जेकेवी लैंड एंड डेवलपर्स इन्फ्रास्ट्रक्चर नाम की कंपनी खोली थी। इसका रजिस्टर्ड दफ्तर हजरतगंज, लखनऊ में था।

प्रियंका और उसके सहयोगियों ने लोगों को ऊंचे रिटर्न का लालच देकर निवेश के नाम पर खाते खुलवाए और FD कराई। भोले-भाले निवेशकों ने करोड़ों रुपये कंपनी में जमा कर दिए। एक बार भारी रकम जमा होने के बाद प्रियंका, उसका पति राजेश कुमार सिंह, कंपनी के सभी डायरेक्टर और असिस्टेंट डायरेक्टर सारे रुपये लेकर रातों-रात भाग गए।

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​एसटीएफ के एएसपी सत्यसेन यादव के मुताबिक सर्विलांस के जरिए प्रियंका की लोकेशन उसके अपने पीजीआई सौभाग्यम अपार्टमेंट के फ्लैट में मिली। बुधवार को एसटीएफ की टीम ने दबोच लिया। ​पूछताछ में सामने आया है कि प्रियंका सिंह सिर्फ ललितपुर तक ही सीमित नहीं थी।

एसटीएफ के रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ आजमगढ़, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, मऊ, महोबा, लखनऊ और ललितपुर समेत 18 जिलों में धोखाधड़ी और जालसाजी के 18 मुकदमे दर्ज हैं। ​इस मामले में कंपनी के एक डायरेक्टर आशीष श्रीवास्तव को पुलिस पहले ही 29 जून को मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार कर चुकी है।

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