केस से नाम हटाने व होटल बेधड़क चलाने का वादा…कुछ ऐसा हुआ कि दरोगा-सिपाही पहुंचे जेल
हरदोई में दो पक्षों के बीच मे हुए विवाद के बाद दर्ज मुकदमें में दरोगा ने और कानपुर में होटल चलाने वाले से सिपाही ने मांगी रिश्वत, एंटी करप्शन टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा
हरदोई/कानपुर (18) नवंबर 2025:
एंटी करप्शन टीम ने हरदोई में एक दरोगा व कानपुर में एक सिपाही को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दरोगा ने 70 हजार में सौदा किया तो सिपाही ने छह हजार में। दोनो के खिलाफ संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कर जेल भेज दिया गया। हरदोई के मामले एक अन्य दरोगा की तलाश की जा रही है।
एंटी करप्शन टीम ने हरदोई माधौगंज थाना परिसर में बने आवास में 70 हजार रुपये लेते हुए उपनिरीक्षक को रंगे हाथों पकड़ लिया। इस मामले में दरोगा आकाश कोशवाल व जयप्रकाश सिरोही के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। दरअसल माधौगंज के रमजानीखेड़ा गांव में 14 अगस्त को मुंशी व फारूख, परवेज, रमीज आदि के बीच विवाद हुआ था। मुंशी पक्ष की तहरीर पर फारूख, परवेज, रमीज और अलीम के खिलाफ मामला दर्ज हुआ, जबकि फारूख की ओर से मुंशी, नौशाद, दिलशाद और दिलशाद की पत्नी पर एफआईआर लिखी गई थी। जांच की जिम्मेदारी हल्का प्रभारी उपनिरीक्षक जयप्रकाश सिरोही के पास थी।

सूत्रों के मुताबिक वास्तविक विवेचना उपनिरीक्षक आकाश रोशवाल कर रहे थे। इसी दौरान रमीज ने आरोप लगाया कि दरोगा आकाश नाम हटाने और नए नाम जुड़वाने के लिए उससे 70 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। रमीज ने इसकी शिकायत लखनऊ स्थित एंटी करप्शन टीम से की। टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के तहत रमीज थाना परिसर स्थित आवास में आकाश कोशवाल से मिलने पहुंचा। जैसे ही उसने पैसे सौंपे, टीम ने उपनिरीक्षक को मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी के पास से 70 हजार रुपये बरामद हुए। इसके बाद उपनिरीक्षक को सांडी थाने ले जाया गया, जहां एंटी करप्शन टीम ने आकाश रोशवाल और उपनिरीक्षक जयप्रकाश सिरोही दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी।
इसी तरह कानपुर में सिकंदरा चौराहे पर ओवरब्रिज के पास कानपुर देहात के अकबरपुर निवासी सौरभ पाल ने होटल खोल रखा है। थाना सिकंदरा में तैनात सिपाही गौरव कुमार अक्सर सौरभ को परेशान करता था। सौरभ ने तंग आकर उसकी खुशामद शुरू की तो सिपाही ने कहा कि छह हजार रुपया दे दो और बेधड़क होकर होटल चलाओ। दोनों के बीच 6 हजार में सौदा तय हो गया लेकिन होटल मालिक सौरभ ने रिश्वत देने स पहले एंटी करप्शन टीम से इसकी लिखित शिकायत की। जगह होटल तय हुआ और समय भी निश्चित हो गया। ठीक समय पर पहुंचे सिपाही ने जैसे रिश्वत की रकम हाथ में ली। टीम ने उसे दबोच लिया।







